हमीरपुर के व्यक्ति की आईजीएमसी में मौत हो गई है। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब तक अस्पताल में इस बीमारी की चपेट में आए पांच लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि शुक्रवार को स्वाइन फ्लू के पांच मामले पॉजिटिव पाए गए।
कांगड़ा, ऊना में स्वाइन फ्लू के दो नए मामले
धर्मशाला। कांगड़ा जिला में स्वाइन फ्लू का एक और मामला सामने आया है। वीरवार को सात संभावित मरीजों के सैंपल लिए गए थे। इनमें से एक मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, जबकि छह सैंपलों की रिपोर्ट शनिवार को आएगी। टांडा अस्पताल के एमएस डॉ. सुरेंद्र भारद्वाज ने एक नया केस आने की पुष्टि की है। स्वाइन फ्लू ग्रस्त मरीज कांगड़ा जिला का ही है।
कुटलैहड़ विधानसभा के बंगाणा उपमडंल के साथ लगती धुंधला पंचायत के गांव कुसाण की 16 वर्षीय किशोरी में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलते हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग जांच के लिए पीडि़ता के घर पहुंच गई है। किशोरी को खांसी, जुकाम, और तेज बुखार होने के कारण वीरवार को स्वास्थ्य केंद्र बंगाणा पहुंचाया गया। चिकित्सक ने किशोरी की हालात ठीक न देखते हुए उसको क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के लिए रेफर कर दिया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुुर ने शुक्रवार को हैदराबाद से लौटते ही सचिवालय में स्वाइन फ्लू के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। इस अवसर पर मुख्य सचिव वीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव सीएम श्रीकांत बाल्दी के अलावा अन्य स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बीमारी से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही। बैठक में उन्होंने स्वाइन फ्लू को लेकर अब तक किए गए इंतजाम के बारे में विस्तृत चर्चा की।
दो दिन के बंगलूरू और हैदराबाद तूफानी दौरे के बाद लौट शुक्रवार को शिमला लौटते ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ताबड़तोड़ बैठकें की। पहले दो घंटे की मंत्रिमंडल की बैठक की। इसके बाद उन्होंने स्वास्थ्य अफसरों से स्वाइन फ्लू के बारे में जानकारी हासिल की।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने सीएम को बताया कि स्वाइन फ्लू से पीडि़त मरीजों को घर घर दवाइयां बांटी जा रही है। जिला और ब्लाक स्तर पर स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीमें गठित की गई है। इसके साथ ही लोगों को लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है।
गांव में पंपलेट बांटे जा रहे हैं। इसमें लोगों को बीमारी के लक्षण, उपचार के बारे में अवगत कराया गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बैठक में बताया कि हिमाचल में तीन स्थानों पर स्वाइन फ्लू के टेस्ट हो रहे हैं।
इसमें आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा और केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली में मरीजों के सैंपल भेजे जा रहे है। एक दिन के भीतर मरीजों की रिपोर्ट आ रही है। बीमारी पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है।