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हिमाचल में बनेगा उत्तर भारत का पहला स्नेक पार्क

Tue, 21 Jul 2015 11:21 AM IST
प्रवेश कुमारी/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल के कांगड़ा जिले के पालमपुर के गोपालपुर में प्रदेश सरकार ने पहला स्नेक पार्क बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। दावा किया जा रहा है कि यह उत्तर भारत का पहला स्नेक पार्क होगा। रेंगने वाले प्राणियों के विशेषज्ञ और चेन्नई स्नेक पार्क (सीएसपी) के जनक कहे जाने वाले रोलुस व्हिटेकर (विदेशी विशेषज्ञ) बीते 13 जुलाई को गोपालपुर का दौरा भी कर चुके हैं।
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पूरा प्रोजेक्ट अब उनकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर टिका है। मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) सुनील दत्त शर्मा के अनुसार रोलुस ने वन विभाग के वाइल्ड लाइफ विंग के अफसरों के साथ नेचर पार्क के आसपास परिस्थितियों का जायजा लिया है। उनका रुख पॉजिटिव लगा है। अगर इस महत्वाकांक्षी पार्क का काम आगे बढ़ता है तो यह रेंगने वाले जीवों का पहला पार्क होगा। इससे जीव-जंतु प्रेमियों को यहां खींचने में काफी मदद मिलेगी।

हिमाचल में 21 प्रजातियों के सांप
हिमाचल में 21 प्रजातियों के सांप हैं। 2500 मीटर की ऊंचाई पर पेड़ों के बीच रहने वाले वाइन स्नेक के साथ ही कामन वार्म स्नेक, 2000 मीटर की ऊंचाई पर पानी में मिलने वाले स्ट्रिप्ड कीलबैक के अलावा भारी भरकम पाईथन भी पाए जाते हैं।
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हिमाचल में 4000 फीट की ऊंचाई पर रैट स्नेक, 2000 मीटर की ऊंचाई पर किंग कोबरा, ब्रोंज बैक ट्री स्नेक, 3000 मीटर की ऊंचाई पर रसेल्स वाइपर पाया जाता है। दुनिया भर में सांपों की दो हजार प्रजातियां मानी जाती हैं, जिनमें से एक अनुमान के मुताबिक 200 प्रजातियां भारत में हैं।
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