पर्यावरण और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे अब धुआं छोड़ने के बजाय खुशबू बिखेरेंगे। इनको मंदिरों में चढ़ने वाले फूलों से बनाया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर ईको फ्रेंडली पटाखों को बनाने के लिए जिला सिरमौर प्रशासन ने पहल की है। प्रशासन हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (सीएसआईआर) पालमपुर के साथ नाहन के एक पटाखा निर्माता का करार कराने जा रहा है। हर दिवाली पर आतिशबाजी से प्रदूषण खतरे के निशान से ऊपर चला जाता है।
सिरमौर प्रशासन ने इस वर्ष दिवाली में ईको फ्रेंडली पटाखे बनाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध करवाने के प्रयास किए हैं। इसके लिए पटाखा निर्माता शकिल शेख को तैयार किया है। उपायुक्त के प्रयासों से शेख और सीएसआईआर के बीच अनुबंध होगा, जिसके बाद इन पटाखों को बनाने की प्रक्रिया आरंभ होगी। उपायुक्त डा. आरके परूथी ने बताया कि इन पटाखों में केमिकल नाममात्र होगा। शकिल शेख ने बताया कि यह पटाखे दूसरे पटाखों की अपेक्षा 30 से 40 फीसदी कम प्रदूषण फैलाएंगे। हानिकारक धुआं भी नहीं छोड़ेंगे। खुशबू के लिए भी ईको फ्रेंडली केमिकल इस्तेमाल होगा।