कफरोना में आग दो मंजिला मकान जला।
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शिमला जिले के उपमंडल चौपाल की ग्राम पंचायत माटल के गांव कफरोना में आग लगने से दोमंजिला मकान जलकर राख हो गया है तो वहीं सेब के बगीचों में लगे सैकड़ों पौधे झुलस गए हैं। आग की इस घटना से लोगों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि घासनियों में आग लगने के बाद यह फैलती हुई रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच गई। आग लगने से सीताराम ठाकुर पुत्र परमानंद गांव खफरौना का दो मंजिला मकान जलकर स्वाह हो गया। जानकारी के मुताबिक आग पहले घर के आसपास घासनियों और झाड़ियों में लगी। इसके बाद हवा के कारण आग मकान तक पहुंच गई। मकान में आग लगने की सूचना मिलते ही 40 से 50 लोग एकत्रित हुए आग बुझाने का प्रयास किया। हवा तेज होने के कारण लोगों को आग पर काबू में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। आग इतना अधिक फैल चुकी थी कि देखते ही देखते लकड़ी का बना दोमंजिला मकान जलकर राख हो गया।
बताया जा रहा है कि मकान में कोई नहीं रहता था। इसके अलावा आग में ईश्वर सिंह पुत्र दौलत राम निवासी गांव घुरला डाकघर बम्टा तहसील चौपाल के बगीचे में आग में लगे 200 पौधे झुलस गए हैं। साथ ही दो घास की टोलियां भी जल गई हैं। इसके अलावा खजान सिंह पुत्र करमू राम निवासी गांव लाणी बम्टा चौपाल जिला शिमला के सेब के पौधे भी जल गए हैं। आग लगने से ग्राम नार में अमर सिंह नेगी, भाग मल नेगी, प्रेम सिंह झगटा, लायक राम और प्रकाश चंद आदि के सैकड़ों पौधे सेब और नाशपाती के पौधे भी जल गए हैं। इससे लाखों का नुकसान हुआ है। सभी ग्रामीणों ने प्रशासन से उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। एसडीएम चौपाल चेतसिंह ने बताया की तहसीलदार को नुकसान का आकलन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया है अपने बगीचों में झाड़ियां न जलाएं। लोगों के बगीचों से आग फैलकर जंगलों तक पहुंच रही है। इससे वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है।
नित्थर के शरटी के जंगल में लगी आग, सैकड़ों देवदार के पौधे जले
वहीं, कुल्लू जिले नित्थर उपमंडल में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से फरवरी महीने में ही जंगल दहकना शुरू हो गए हैं। नित्थर के शरटी जंगल में शनिवार रात आग लगने से बहुमूल्य वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। आग की चपेट में आने से देवदार के सैकड़ों पौधे जलकर राख हो गए हैं, जबकि सैकड़ों पेड़ों को क्षति पहुंची है। इसके अलावा वन्य जीव जंतुओं की विभिन्न प्रजातियां भी इस आग की चपेट में आईं हैं। हालांकि क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद इस आग पर काबू पा लिया है लेकिन अभी से आग की घटनाएं बढ़ने से क्षेत्र के लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक शनिवार रात शरारती तत्वों ने उपतहसील नित्थर के शरटी जंगल में आग लगा दी। आग ने देखते ही देखते सैकड़ों देवदार के पेड़ों सहित अन्य पेड़ पौधों को अपनी चपेट में ले लिया। अंधेरा होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इस वजह से जंगल में रातभर आग ने सैकड़ों पेड़ों को नुकसान पहुंचा है, जबकि दर्जनों देवदार के पेड़ जलकर राख हो गए हैं। इसके अलावा सैकड़ों पशु पक्षी इस आग की चपेट आने से अकाल मौत का शिकार बन गए। इसके बाद आग का रुख शरटी गांव और एडशी की तरफ हो गया था। इसको देखते हुए आधी रात को गांव के लोगों ने जंगल से गांव क तरफ बढ़ रही आग को बुझाने का प्रयास शुरू किया और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो कई घर इसकी चपेट में आ सकते थे। आग बुझाने में दुर्गेश शर्मा, वीरेंद्र, अजय, कुलदीप, प्रदीप, भूपिंदर, प्रकाश, राजेश, सुरजीत और राकेश ठाकुर सहित अन्यों ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने वन विभाग से जंगलों में आग लगाने वाले शरारती तत्वों की धरपकड़ कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वन विभाग नित्थर के रेंज अधिकारी किशोरी लाल कौशल ने बताया कि बार-बार वन विभाग लोगों को सूचित कर रहा है कि आग से हमारी वन संपदा समाप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि शरारती तत्वों पर विभाग कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।