गौशाला में आग लगने से एक युवक की दम घुटने से मौत हो गई। गौशाला में बंधी जर्सी गाय और बछड़े की भी जलकर मौत हो गई। मामला हिमाचल के मंडी जिले की बरोट पंचायत के काव गांव का है। रविवार तड़के यहां गौशाला में आग लगने से एक युवक की दम घुटने से मौत हो गई। गौशाला में बंधी जर्सी गाय और बछड़े की भी जलकर मौत हो गई। शादी समारोह के बाद युवक गौशाला में सोने चला गया था।
आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है। मृतक युवक अपने दोस्त की शादी के लिए आया था। पुलिस के मुताबिक रविवार तड़के करीब चार बजे काव गांव में मौजीराम पुत्र कखुराम और सोहन सिंह की गौशाला में अचानक आग लग गई। एक कमरे में पशुचारे के लिए रखे घास की वजह से आग तेजी से फैल गई।
आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया। आग इतनी भीषण थी कि ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद काबू पाया। इसके बाद जब लोगों ने अंदर जाकर देखा तो एक युवक मृत हालत में पड़ा था। साथ ही गौशाला में बंधी जर्सी गाय और एक बछड़ा जल गए थे। युवक की पहचान विजय कुमार (25) पुत्र बीरबल निवासी डुमेहड़ डाकघर चौंतड़ा तहसील जोगिंद्रनगर के रूप में हुई है।
मृतक के परिवार को दस हजार की फौरी राहत
वह बरोट में वेल्डिंग की दुकान में काम करता था। लोगों ने सूचना पधर पुलिस को दी। थाना प्रभारी विनोद ठाकुर की अगुवाई में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को दिए बयान में मौजी राम ने बताया कि युवक छंगाराम पुत्र किसू राम की शादी में आया था। जिस घर में शादी थी, वहां से कुछ दूर गौशाला है।
इसमें बंधे मवेशियों की आवाज सुन परिवार के सदस्य घरों से निकले। देखा कि गौशाला में आग लग गई है। ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने के बाद वे गौशाला में गए तो वहां युवक मृत पड़ा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मंडी अस्पताल भेज दिया है।
उधर, उप तहसील टिक्कन के काननूगो गौतम वर्मा ने अग्नि पीड़ित मौजीराम को पांच हजार और मृतक युवक के पिता बीरबल को दस हजार रुपये की राहत राशि दी है। वहीं, पधर थाना प्रभारी विनोद ने कहा कि प्रारंभिक जांच में युवक की मौत का कारण धुएं से दम घुटना लग रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लगेगा।
कल्याण गौ सदन में आधा दर्जन गायों की मौत
सुंदरनगर के बीएसएल जलाशय के निकट कल्याण गौसदन में रविवार को करीब आधा दर्जन गायें मृत पाई गईं। गौसदन में और आधा दर्जन गायें मरने की कगार पर हैं। गौसदन में गायों के मरने की सूचना मिलने पर कार्यकारी एसडीएम एवं तहसीलदार सुंदरनगर वेद प्रकाश ने गौसदन का निरीक्षण किया।
उन्होंने गौसदन के प्रबंधन के साथ पशु बांधने के स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने गौसदन प्रबंधन से बैठक कर व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौसदन में साफ-सफाई की व्यवस्था कायम रखने और हर तरह के लावारिस पशुओं को अलग-अलग जगहों में बांधने और रोगग्रस्त पशुओं को अन्य पशुओं के साथ न बांधने के भी निर्देश दिए।
रविवार को कपाही पंचायत के ठाठर, देरडू, डोडवां, फागयारा गांव के करीब 50 ग्रामीणों ने गौसदन के बाहर एकत्रित हो गौसदन प्रबंधन के गैर जिम्मेदाराना रवैया के खिलाफ रोष जताया। गौसदन के प्रधान अमरजीत सिंह का कहना है कि गौसदन प्रबंधन
लावारिस पशुओं को हर संभव सुविधा मुहैया करवाने की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि गौसदन में जो पशु आते हैं वह अधिकतर बीमार होते हैं, जिनका उपचार पशु पालन विभाग के माध्यम से करवाया जाता है।