विदेशों से लाया बताकर बागवानों को पीजीआर (छिड़काव) बेचने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि यह गलत छिड़काव है। इसका हिमाचल की सेब बागवानी को नुकसान होगा। इस रसायन के छिड़काव से पहले सेब के पेड़ अच्छी फसल देंगे, बाद में उखाड़ फेंकने पड़ेंगे। महेंद्र सिंह ने कहा कि विभाग में ऐसी शिकायतें आई हैं कि प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर(पीजीआर) बेचा जा रहा है। इसे नहीं बेचा जा सकता है। जो इसे बेच रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कहा कि पहले गायों और भैंसों से भी ज्यादा दूध निकालने के लिए इंजेक्शन चला। उससे जब गाय या भैंस मरती थी तो उसे खाने वाले गिद्ध मर जाते थे। सेब पेड़ों से फसल लेने के लिए पीजीआर का छिड़काव किया जा रहा है। इससे एक साल तो अच्छी फसल आती है। कुछ समय बाद इससे सेब के पेड़ अच्छी फसल नहीं देते हैं। फसल देना ही बंद करते हैं। ऐसी चीजें दुकानों में रखने के बजाय जो झोलाछाप लोग इन्हें दो-दो तीन लीटर ले जाकर बागवानों को 20 से 35 हजार में थोड़ा-थोड़ा बेच रहे हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा गया है।