डीजीपी ने बताया कि प्रयास यह भी किए जा रहे हैं कि पुलिस के कांस्टेबलों को चालान करने के बाद मौके पर ही चालान का जुर्माना वसूलने की भी इजाजत दी जाए। इससे पहले डीजीपी ने बताया कि सभी पुलिस अधिकारियों को कहा गया है कि वह पुलिस में अपना बयान दर्ज कराने वालों के बयान की वीडियोग्राफी भी की जाएगी और उसे साक्ष्य के तौर पर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इससे पुलिस को बयान देने के बाद कोर्ट में पलटने की गुंजाइश भी नहीं होगी। डीजीपी ने कहा कि अपराध होने से रोकने के साथ साथ उनके खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। डीजीपी ने बताया कि 31 अगस्त तक प्रदेश में 13078 अभियोग पंजीकृत हुए जबकि 2018 में इस अवधिक में 13381 अभियोग पंजीकृत हुए थे।