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Himachal: मंत्री को काले झंडे दिखाने पर सीडी बैंक के चेयरमैन समेत 65 पर एफआईआर

Sat, 26 Jul 2025 01:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, थुनाग(मंडी)/शिमला

सार

जंजैहली थाना में कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी और एक अन्य व्यक्ति वीरेंद्र ने तीन अलग-अलग शिकायतों के माध्यम से सीडी बैंक के चेयरमैन, तीन जिला परिषद सदस्यों समेत 65 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।
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थुनाग में राजस्व मंत्री की गाड़ी के आगे लेटी प्रदर्शनकारी महिलाएं। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की गाड़ी पर काले झंडे और जूते फेंकने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। जंजैहली थाना में कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी और एक अन्य व्यक्ति वीरेंद्र ने तीन अलग-अलग शिकायतों के माध्यम से सीडी बैंक के चेयरमैन, तीन जिला परिषद सदस्यों समेत 65 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। रेड्डी ने एक शिकायत में 57 लोगों पर आरोप लगाया है कि भाजपा समर्थित इन लोगों ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का थुनाग विश्राम गृह के बाहर रास्ता रोका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मंत्री को काले झंडे दिखाए। 

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दूसरी शिकायत में जगदीश रेड्डी ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति मुरारी लाल ने मंत्री जगत सिंह नेगी पर पत्थर फेंककर उनके जीवन को खतरा पहुंचाने सहित गालीगलौज और जान से मारने की धमकी दी। तीसरी शिकायत में जंजैहली निवासी वीरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि जब बागवानी मंत्री थुनाग रेस्ट हाउस से धर्मपुर के लिए निकले तो थुनाग पुल के पास 7 महिलाओं गीता, रीना, मोनिका, डोला, सावित्री, रुकमणी और भीष्मा ने मंत्री का काफिला रोका और उनकी गाड़ी की तरफ काले झंडे व जूते फेंके। जगदीश रेड्डी और वीरेंद्र ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
 

आपदा के 25 दिन बाद जब मंत्री जगत सिंह नेगी शुक्रवार को सराज दौरे पर आए तो जंजैहली में उन्हें लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। लोगों ने बागवानी कॉलेज को शिफ्ट न करने की मांग मंत्री से की थी, लेकिन ठोस जवाब मंत्री ने नहीं दिया तो लोग भड़क गए। इस पर उनका विरोध किया गया। उधर, एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने बताया कि आरोपियों पर सार्वजनिक शांति भंग करने की साजिश, लोक सेवक पर हमला, डराने-धमकाने और सार्वजनिक अशांति फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। सराज में प्राकृतिक आपदा के बीच थुनाग में हुए घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी ने कहा कि हंगामा करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करे। भाजपा नेता गुलजारी लाल ने कहा है कि वह हक की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वह एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं।

भाजपा ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया: सीएम सुक्खू
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र मंडी का दौरा करने पहुंचे राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ भाजपा के क्षेत्रीय नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जो व्यवहार किया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने साजिश के तहत विरोध कर न केवल लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया, बल्कि आपदा प्रभावित लोगों के घर बसाने के कार्य में भी रोड़ा अटकाने की कोशिश की। भाजपा नहीं चाहती कि आपदा प्रभावित परिवारों को राहत और सहायता मिले। जिन परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है, यदि उनकी मदद नहीं कर सकते तो कम से कम उनके पुनर्वास के कार्यों में बाधा न बनें। भाजपा का यह आचरण मानवीय संवेदनाओं के विरुद्ध है। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार हर प्रभावित व्यक्ति तक मदद पहुंचाने के लिए काम कर रही है, इसमें राजनीतिक रोटियां सेंकना व हिंसक प्रदर्शन करके बाधा डालना पूरी तरीके से संवेदनहीनता है।
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आपदा में खुद आपदा बन गई सरकार: सतपाल सत्ती 
भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता में सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से भाजपा विधायकों के क्षेत्रों के साथ भेदभाव और राजनीतिक प्रतिशोध लगातार बढ़ रहा है। सरकार योजनाओं को बंद कर रही है, काम रोक रही है और झूठे आश्वासन देकर जनता को भ्रमित कर रही है। सत्ती ने सराज विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 240 करोड़ रुपये की लागत से बागवानी एवं वानिकी कॉलेज की आधारशिला रखी थी और इसके लिए 10 करोड़ की पहली किश्त भी जारी की गई थी। कॉलेज के लिए ज़मीन चिन्हित हो चुकी थी, फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल चुका था और काम शुरू हो गया था। लेकिन सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने इस परियोजना को ठप कर दिया और अब आपदा का बहाना बनाकर कॉलेज को शिफ्ट करने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में खुद मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री ने इस कॉलेज को न बंद करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसके बावजूद सरकार ने चुपचाप बजट की राशि वापस मंगवा ली। यह सरकार की कथनी और करनी के फर्क को साफ दिखाता है।
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