बताया जा रहा है कि सप्ताह भर पहले पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सराहन दौरे के दौरान रामपुर पहुंचे थे। इसी दौरान केयरटेकर ने महल के एक हिस्से में रखे उनके सामान को बाहर निकालने की शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस ने राजमहल की घटना की जांच की।
बाकायदा केयरटेकर के अलावा चौकीदार रोशन लाल के बयान दर्ज किए गए। बताया गया कि महल का एक हिस्सा राज परिवार के सदस्य राजेश्वर सिंह के पास है। केयरटेकर इसी हिस्से में पिछले 25 वर्ष से काम कर रहे हैं।
दिलचस्प है कि केयरटेकर ने अपनी शिकायत को कुछ घंटे बाद ही वापस ले लिया था, लेकिन बाद में राजेश्वर सिंह ने एसपी शिमला को शिकायत भेज दी, जिसके बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनके बेटे विक्रमादित्य समेत चार लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 427 और 448 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसपी शिमला ओमापति जम्वाल ने बताया कि उनके पास शिकायत आई थी जिसे रामपुर थाने को भेज दिया था।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र और शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि उनके खिलाफ अनधिकृत प्रवेश (ट्रेसपास) का मामला दर्ज बताया जा रहा है, मगर यह मामला केवल सरकारी जमीन या किसी और की जमीन पर होता है।
राजस्व रिकार्ड के अनुसार ये जगह हमारे नाम है। ऐसे में कोई मामला नहीं बनता। अगर मामला दर्ज हुआ है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है। ये हमारा पारिवारिक मामला है। ये विवाद मिल-बैठकर सुलझ जाएगा।
मंगलवार देर रात पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, विक्रमादित्य सिंह, पूर्व ईएनसी एसपी नेगी और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष जसबीर ठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
-रविंद्र नेगी, थाना प्रभारी, रामपुर