वित्त समिति की कार्यवाही सार्वजनिक करने की मांग संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की एसएफआई इकाई ने मंगलवार को वित्त अधिकारी को ज्ञापन सौंप कर विवि प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। संगठन ने वित्तीय पारदर्शिता, परिवहन व्यवस्था और छात्रावासों के नवीनीकरण को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
संगठन का कहना है कि 10 दिसंबर को हुई वित्त समिति की बैठक की कार्यवाही अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। वित्तीय निर्णयों का सीधा प्रभाव छात्रों पर पड़ता है। एसएफआई ने मांग की है कि बैठक में लिए निर्णय, स्वीकृत बजट और अब तक हुए व्यय का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। परिसर में बसों की कमी को लेकर भी संगठन ने कड़ा रुख अपनाया है। पहले जहां आठ बसें चलती थीं वहीं अब केवल तीन बसें चल रही हैं। इससे बड़ी संख्या में छात्रों को रोजाना कक्षाओं तक पहुंचने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
संगठन ने नई बसें खरीदने और समयसारिणी को दुरुस्त करने की मांग की है। छात्रावासों की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन ने पूछा कि लड़कों और लड़कियों के छात्रावासों के नवीनीकरण के लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई और अब तक कितना खर्च हुआ इसका जवाब दें। कई छात्रावासों में शौचालय, बिजली और कमरों की मरम्मत जैसे कार्य लंबित पड़े हैं। अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन की रणनीति तय करेंगे। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।