क्षेत्र के अधिकतर निजी स्कूल शिक्षा विभाग के आधे मापदंड भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इन स्कूलों में छात्रों को मिलने वाली सुविधाएं अधूरी है। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में मानकों की जांच के नाम पर मात्र कागजों में औपचारिकताएं पूरी होती हैं।
एसडीएम कार्यालय में प्रशासन की ओर से आयोजित निजी स्कूलों की बैठक में इस बात का खुलासा हुआ है। अभिभावकों ने बैठक में निजी स्कूलों पर मनमानी के आरोप भी लगाए हैं। बैठक एसडीएम यशपाल सिंह वर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार दोपहर करीब बारह बजे शुरू हुई।
बैठक निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर अभिभावकों की ओर से लगाए गए आरोपों के सिलसिले में रखी गई थी। इस दौरान अभिभावक गोवर्धन चौहान ने अपनी लिखित शिकायत में आरोप लगाए कि निजी स्कूल वार्षिक समारोह के नाम पर बिना किसी रसीद के अभिभावकों से भारी भरकम धन एकत्र करते हैं।
इन स्कूलों की छह-छह मंजिला इमारतें कैसे बनी हैं, अभिभावकों ने इसकी जांच की मांग भी उठाई है। स्कूलों में शिक्षा की शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी अभिभावकों ने जांच करवाने के लिए आवाज उठाई। साथ ही तीन दिन पूर्व ग्लोरी पब्लिक स्कूल में छात्र की पिटाई व तीसरी मंजिल से कूदने का मामला भी बैठक में रखा गया।
तमाम सवालों को सुनने के बाद खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी जेके मांटा ने जवाब दिया कि क्षेत्र के निजी स्कूल शिक्षा के तय मानकों को पूरा नहीं करते हैं।