उधर, अचानक फास्टैग की मांग बढ़ने से उपलब्धता में भी समस्या आ रही है। दोगुने टोल टैक्स से बचने के लिए लोग अपने वाहनों पर फास्टैग लगवा रहे हैं। सर्वर पर लोड बढ़ने की वजह से फास्टैग सर्वर से कनेक्ट नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में कई गाड़ियों को फास्टैग लगवाने के बाद भी कैश ही देना पड़ रहा है।
हर कंपनी का अलग पैकेज
फास्टैग लगाने के पीछे कंपनियां अलग-अलग तरीके के ऑफर के साथ पैकेज दे रही हैं। आईसीआईसीआई की तरफ 400 रुपये चार्ज किया जा रहा है, जिसमें 200 रुपये रिचार्ज के और 200 सिक्योरिटी के तौर पर लिए जा रहे हैं।
सिक्योरिटी मनी बाद में लौटा दी जाएगी। उधर, पेटीएम 150 रुपये ले रही है और 150 रुपये का ही रिचार्ज कर रही है। इसी तरह से अन्य कंपनियां भी ऑफर दे रही हैं। कुछ कंपनियां 600 रुपये तो कुछ 500 रुपये के पैकेज दे रही हैं।