अमर उजाला एक्सक्लूसिव...
किसानों के पास लोन का 29 करोड़ रुपये अटका, जिला प्रशासन ने दिए रिकवरी के निर्देश
वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी के तहत राहत भी दे रही सरकार, फिर भी शिविरों में नहीं पहुंच रहे ऐसे किसान
अशोक चौहान
शिमला। खेतीबाड़ी के कामों के लिए लाखों रुपये का लोन लेकर जिला शिमला के हजारों किसान अब इसका ब्याज तक नहीं दे रहे हैं। जिले के कुल 7854 किसानों के पास लोन का करीब 29 करोड़ रुपये अटक गए हैं। पैसा न देने से ये किसान डिफाल्टर हो गए हैं और इनके बैंक खाते एनपीए घोषित कर दिए गए हैं।
सरकार वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी के तहत इन्हें लोन राशि चुकाने में राहत भी दे ही है। इसके लिए इन्हें बैंकों की ओर से लगाए जा रहे शिविरों में बुलाया जा रहा है। बैंक बाकायदा गांवों में जाकर शिविर लगा रहे हैं ताकि लोन सेटल किए जा सकें, लेकिन चिंताजनक बात यह है कि ये किसान इन शिविरों में भी नहीं पहुंच रहे हैं। ज्यादातर किसान ऐसे हैं जो जानबूझकर इन शिविरों में नहीं आ रहे हैं तो कई ऐसे भी हैं जिन्हें इन शिविरों का पता तक नहीं चल रहा। ऐसे में जिला प्रशासन ने अब सभी बैंकों को ऐसे किसानों तक पहुंचने के निर्देश दिए हैं जो एनपीए घोषित हो चुके हैं। बैंकों को रिकवरी बढ़ाने और एनपीए खातों की संख्या शून्य करने का टारगेट दिया गया है। अब गांव में लगने वाले शिविरों में बैंक एनपीए हो चुके खाताधारकों का पूरा रिकॉर्ड साथ लेकर जाएंगे। उनसे बात करेंगे और उन्हें लोन चुकाने को लेकर दी जा रही रियायतों की जानकारी देंगे।
खेती के लिए कम ब्याज पर मिलता है लोन
किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को तीन लाख रुपये तक का लोन महज सात फीसदी ब्याज पर दिया जाता है। एक साल में इसे वापस करना होता है। समय पर भुगतान करने पर तीन फीसदी तक ब्याज में और छूट मिलती है। इस तरह प्रभावी ब्याज दर चार फीसदी रह जाती है। तीन लाख रुपये से ज्यादा लोन राशि बढ़ने पर ब्याज दर बढ़ती जाती है। आमतौर पर छोटे किसान साल में अच्छी फसल न होने पर लोन नहीं चुका पाते। इससे डिफाल्टर हो रहे हैं। हालांकि, छोटे किसानों की तुलना में इस लोन की सुविधा बड़े किसान ज्यादा ले रहे हैं।
कोट
किसानों को जागरूक करने के दिए हैं निर्देश : उपायुक्त
किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर किसानों को जागरूक करने की जरूरत है। किसानों के मन में जो संदेह हैं उसे दूर करने के लिए बैंकों को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। बैंकों से एनपीए के मामलों को लेकर चर्चा की गई है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि एनपीए के मामलों में जल्द रिकवरी की जाए।
अनुपम कश्यप, उपायुक्त