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Sirmour News: किसानों को धान बेचने के लिए 30 से 45 दिन बाद की मिल रही तारीख

Wed, 18 Oct 2023 12:31 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, पांवटा साहिब (सिरमौर)/बद्दी (सोलन)

सार

पांवटा धान खरीद केंद्र प्रभारी शशि कुमार ने बताया कि धान खरीद सुचारु रूप से चल रही है। एक दिन में केवल 25 टोकन खरीद तय की है।
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पांवटा साहिब में मौसम खुलते ही धान खरीद फिर हुई शुरू। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मैदानी इलाकों में धान की फसल तैयार होने के बावजूद किसानों को मंडियों में बेचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दरअसल आनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण होने से किसानों को धान बेचने के लिए लंबी तारीखें मिल रही हैं। ऐसे में कई किसान हरियाणा में फसल बेचने का मन बना रहे हैं। हिमाचल में 3 अक्तूबर से धान खरीद शुरू हुर्ई है। उपज को मंडियों में बेचना ही किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम पहली बार किसानों से धान की खरीद कर रहा है।

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सूबे में अलग-अलग जिलों में निगम ने धान मंडियां शुरू की हैं। जिला सिरमौर में भी पांवटा साहिब और धौलाकुआं में धान खरीद हो रही है।  किसानों ने सरकार, प्रशासन और निगम प्रबंधन से आग्रह कि धौलाकुआं खरीद केंद्र में स्टाफ और मजदूरों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए। पांवटा धान खरीद केंद्र प्रभारी शशि कुमार ने बताया कि धान खरीद सुचारु रूप से चल रही है। एक दिन में केवल 25 टोकन खरीद तय की है।

क्या बोले किसान
धौलाकुआं के किसान नंबरदार मंजूर अली मलिक, शेर सिंह, रामस्वरूप, निर्मल सिंह नम्बरदार, धर्मेंद्र सिंह, ऋषिपाल, सुरेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह सैनी, मामराज सैनी और महिंद्र सिंह ने बताया कि धान बेचने के लिए उत्पादकों को दिक्कतें आ रही हैं। उन्हें मंडियों में अपनी उपज बेचने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करने पर 30 से 45 दिन बाद की तारीखें मिल रही हैं। ऐसा ही रहा तो किसानों को मजबूरन हरियाणा धान बेचने जाना पड़ेगा।
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बीबीएन : पंजाब की मंडियों में बेच रहे धान फसल
हिमाचल में ऑनलाइन धान की खरीद में कई खामियों के चलते नालागढ़ के किसान धान पंजाब को मंडियों में बेच रहे हैं। यहां पर पहले जमीन की फर्द की शर्त रखी थी, लेकिन अब दलाल दूसरे के नाम पर धड़ल्ले से धान खरीद रहे हैं। किसानों को भी उसी दाम से धान मिल रहा है, जिस रेट से हिमाचल में खाद्य आपूर्ति निगम ले रहा है। पंजाब में धान बिकने के चलते अभी तक नालागढ़ में मात्र 119 किसान ही धान लेकर पहुंचे हैं।

जबकि बीबीएन में किसानों की संख्या हजारों में है। नालागढ़ के खरीद केंद्र में अब तक 119 किसानों ने 4964 क्विंटल धान ही बेचा है। जबकि 75 फीसदी धान कट चुका है। चंगर और दभोटा क्षेत्र के किसान पंजाब के भरतगढ़ और घनौली की अनाज मंडी में धान बेच रहे हैं। वहीं बद्दी के मलपुर के भी अभी तक 140 किसानों ने ही धान बेचा है। यहां पर 6490 क्विंटल धान ही बिक पाया है।

किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुरमुख सिंह ने कहा कि हिमाचल की कृषि उपज मंडियों में धान की खरीद इस बार सिविल सप्लाई कर रही है। ऑनलाइन बिक्री के चलते किसान यहां पर धान बेचने के बजाय पंजाब की मंडियों में बेच रहे हैं। ऑनलाइन धान बेचने में किसानों को कई समस्याएं आ रही हैं। उनके पास 11 बीघे जमीन में धान है।

ऑनलाइन बेचने पर उन्हें 59 क्विटंल धान तय किया है। उनके पास धान 59 क्विटंल से अधिक है। ऐसे में जो धान बचेगा उसे कहां बेचेंगे। कृषि उपज मंडी के प्रभारी गंगाराम ने बताया कि बारिश के चलते धान की कटाई का कार्य रुक गया है। इसके चलते कम धान खरीद केंद्र में पहुंच रहा है। अभी तक बीबीएन के 259 किसान सिविल सप्लाई को 11454 क्विंटल अपना धान बेच चुके हैं।

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