फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla: विरोध के बाद एचआरटीसी ने पलटा फैसला, बस पास किराया घटाया, अब इतने रुपये लगेंगे

Sat, 24 May 2025 10:04 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

अब पास किराये को तीन स्लैब में बांटकर किराये को कम किया है। इसको लेकर एचआरटीसी के चीफ जनरल मैनेजर पंकज सिंघल ने शनिवार को आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी शिमला में निजी स्कूलों के लिए चलने वाली चार्टड बसों की पास दरों में एचआरटीसी ने संशोधन कर दिया है। अब पास किराये को तीन स्लैब में बांटकर किराये को कम किया है। इसको लेकर एचआरटीसी के चीफ जनरल मैनेजर पंकज सिंघल ने शनिवार को आदेश जारी किए हैं। नए स्लैब के मुताबिक अब 0 से 6 किलोमीटर के लिए 1200 रुपये प्रति महीना, 6 से 12 किलोमीटर के लिए 1800 रुपये प्रति महीना और 12 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 2000 रुपये किराया निर्धारित किया है।

विज्ञापन

 

पूर्व में पांच किलोमीटर तक का बस पास किराया 18 सौ रुपये कर दिया था। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की ओर से शहर के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के त्रैमासिक बस किराये में भारी वृद्धि कर थी। इसको लेकर अभिभावक बेहद नाराज हो गए थे। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था और इसके बाद लोगों ने भी सड़कों पर उतरकर इसका विरोध जताया था।

इसके बाद मामला सरकार के समक्ष पहुंचा। वहीं शनिवार को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बस पास किराये को कम करने की बात कही। इसके बाद एचआरटीसी ने संशोधन बस पास किराये की अधिसूचना जारी की। हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से शहर के ऑकलैंड, चैप्सली कल्स्टन, डीएवी न्यू शिमला, एडवर्ड, नवबहार चैल्सी, एसपीएस खलीनी, पुजारली और ताराहॉल स्कूल के लिए 42 बसें चलाई जाती हैं। इन बसों में रोजाना 2100 से अधिक छात्र-छात्राएं सफर करते हैं।
 

पहले 1 से 5 किमी के निर्धारित किए थे 1800 रुपये
एचआरटीसी की ओर से बस पास किराये को पहले दो स्लैब में बांटा था। इसमें 1 से 5 किलोमीटर तक 1800 रुपये और 5 किलोमीटर से अधिक दूरी से आने वाले बच्चों को 2500 रुपये प्रति महीना किराया निर्धारित किया था। इस तरह तीन महीने के लिए बनने वाले इस पास के लिए 5400 और 7500 रुपये चुकाने पड़ने थे। अब 6 किलोमीटर तक की दरों में 600 रुपये की कटौती की है। वहीं यात्रा दूरी को एक किलोमीटर बढ़ाकर 5 से 6 किलोमीटर कर दिया है। दूसरे स्लैब को 6 से 12 किलोमीटर तक किया है जिसमें बस किराया 700 रुपये कम किया है।
विज्ञापन

सरकार किराया वृद्धि के फैसले को वापस ले: सीपीएम
 निजी स्कूलों के लिए लगाई गई बसों में विद्यार्थियों के किराये में कुछ कमी की गई।  यह कटौती बहुत कम है। सीपीएम ने आरोप लगाया कि जो पूरे प्रदेश की जनता के मुख्य मुद्दे उठाए थे, उनपर उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री ने चर्चा ना करने की पार्टी निंदा करती है। बसों में यात्रियों के एक छोटे से डिब्बे और चार किलो सामान का टिकट लेने व प्राइवेट रूटों को निजी हाथों देने के फैसले को वापस नहीं लिया जाता सीपीएम तब तक अपना आंदोलन जारी रखेगी और इस आंदोलन को पूरे प्रदेश में शुरू करेगी  इस आंदोलन को तब तक चलाया जाएग। सीपीएम ने सरकार से मांग की  है की सरकार किराया वृद्धि के फैसले को पूरी तरह से वापस ले ताकि जनता को राहत मिल सके। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें