रोशन लाल ने बताया कि वर्तमान में उनकी हालत काफी दयनीय है। बीमार होने के कारण उनकी बेटी दो माह तक मेडिकल कॉलेज टांडा में भर्ती रही। बेटी के इलाज पर काफी खर्चा हो चुका है।
उन्होंने कहा कि उन्हें कई बार अपने दूसरे घर में जाना पड़ता है। ऐसे में यह चिंता रहती है कि पहले घर में भालू के बच्चे की देखभाल कौन करेगा। रोशन लाल ने कहा कि परिवार में उनकी पत्नी सीमा देवी, बड़ी बेटी रत्ना, छोटी बेटी सपना, बेटा अशोक कुमार और बादल हैं।
वन रक्षक अशोक कुमार ने बताया कि रोशन लाल ने उन्हें फोन पर सूचित किया कि एक जंगल से भालू उनके घर में पहुंचा है। इसके बाद वन विभाग की टीम ने भालू के बच्चे को अपने कब्जे में लिया
तथा उसे वन परिक्षेत्र कार्यालय सिहुंता ले गए। उन्होंने कहा कि वन विभाग के पास इसे रखने का प्रावधान नहीं है। इसलिए भालू के बच्चे को वन्य प्राणी संरक्षण केंद्र गोपालपुर भेजा गया है।