एचपीयू के पापुलेशन स्टडी सेंटर ने फैमिली हेल्थ सर्वे के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। सर्वे के पहले चरण में प्रदेश के पांच जिलों चंबा, कुल्लू, शिमला, लाहौल-स्पीति और शिमला के साथ अन्य जिलों में सर्वे को बनाई 24 टीमें फील्ड में मेपिंग और लिस्टिंग का कार्य शुरू कर चुकी हैं।
15 जनवरी तक मेपिंग लिस्टिंग कर हजारों परिवारों में से 9,216 परिवारों का सैंपल फ्रेम तैयार होगा, उस पर फाइनल सर्वे किया जाएगा। इन परिवारों में मां और बच्चों को दी जा रही और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का आकलन होगा। इस बार पुरुषों के स्वास्थ्य से संबंधित आंकड़े भी इस प्रोजेक्ट में जुटाए जाने हैं।
प्रोजेक्ट से जहां प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं और आम आदमी की उस तक पहुंच का आकलन हो सकेगा। फैमिली हेल्थ सर्वे में सेंटर की ओर से बनाई गई टीमें परिवारों के घर द्वार पैरामेडिकल स्टाफ की टीम के साथ पहुंच कर एचबी, एचआईवी, शूगर जैसे टेस्ट करवाएगी। सर्वे हिमाचल के हर जिले में किया जाना है।
सर्वे में इस बार 15 से 48 साल तक की विवाहित और अविवाहित महिलाओं और 15 से 54 साल तक के पुरुषों को भी शामिल किया गया है। इसमें एचआईवी सहित कई महत्वपूर्ण रोगों की जांच के लिए सैंपल लिए जाएंगे।
पापुलेशन रिसर्च सेंटर की निदेशक प्रो. संजु करोल ने बताया कि मुंबई के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ पापुलेशन साइंसिज प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी है, वहीं पीएमओ ऑफिस इसे मानिटर कर रहा है। बारह जिलों के लिए 24 टीमें बनाकर मेपिंग लिस्टिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है।
सेंटर ने सर्वे संचालन को अलग से कोर कमेटी बनाई है। जिसमें वे स्वयं और पूर्व निदेशक प्रो. एनएस बिष्ट को स्टेटेस्टीश्यिन, जबकि सविता ठाकुर और अंतिका राव को सदस्य बनाया गया है।