फाल आर्मी कीट मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। हमीरपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में इस कीट के पनपने का पता चलते ही कृषि विभाग ने एहतियाती कदम उठाए हैं। विभाग के उपनिदेशक डॉ. पीसी सैणी ने वीरवार को बड़सर उपमंडल के कुछ क्षेत्रों का दौरा कर मक्की फसल का जायजा लिया। कीट के प्रबंधन के संबंध में किसानों का मार्गदर्शन किया। कहा कि फाल आर्मी कीट मक्की की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।
बिझड़ी ब्लॉक के गांव बैरी, पाहलु, ढंढवीं, बल्ह बिहाल और कई अन्य गांवों में इस कीट का प्रकोप देखने को मिल रहा है। कहा कि यह कीट मुख्य रूप में मक्की की पत्तियों को खा लेता है। शुरुआती दिनों में यह कीट पत्तियों के किनारों को छील देता है तथा पत्ती पर छोटे-छोटे छेद कर देता है। पौधे की खाई गई पत्तियों से ऊपर की पत्तियां भी गिरने लगती हैं। किसानों को फसल में इस तरह के लक्षण दिखते हैं तो तुरंत नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क करें।
फाल आर्मी कीट से बचाव के लिए कीटनाशकों का छिड़काव किया जा सकता है। किसान अजढिरिक्टन एक ईसी (1000 पीपीएम) की दो मिलीलीटर मात्रा एक लीटर पानी में घोलकर छिड़क सकते हैं। थायोडिकार्ब 75 डब्ल्यूपी को 2 ग्राम प्रति लीटर पानी या फ्ल्यूबेंडाइमाइड को 0.3 मिली प्रति लीटर पानी अथवा स्पिनोसैड 45 एससी को भी 0.3 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे की जा सकती है। क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी को 2 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर या साइपरमैथरीन 25 ईसी का छिड़काव भी किया जा सकता है। कृषि उपनिदेशक ने कहा कि कृषि विभाग इसी हफ्ते कीटनाशकों की लगभग 200 लीटर की खेप कृषि विक्रय केंद्रों तक पहुंचा रहा है।