वहीं वर्मा ने संबंधित स्कूल शिक्षा बोर्ड और विवि से भी सूचना के अधिकार के तहत सर्टिफिकेट और डिग्रियों की सत्यता के बारे में जानकारी मांगी है। शिकायतकर्ता ने एडवोकेट के माध्यम से भी विभिन्न संस्थानों में लीगल नोटिस भेज कर आगामी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि वीएल वर्मा ने पुलिस में दी शिकायत के बाद कोई संतोषजनक कार्रवाई न होने पर रोष जताया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस निजी स्कूल होने के नाते कार्रवाई से इनकार कर रही है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति जिसके पास बारहवीं और स्नातक के फर्जी सर्टिफिकेट हैं, की जांच होनी चाहिए। वहीं पुलिस अधीक्षक हमीरपुर रमन कुमार मीणा का कहना है कि महिला अध्यापक की फर्जी डिग्रियों को लेकर शिकायत मिली है।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी को इस मामले में आगामी कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उधर, डीएवी स्कूल के प्रधानाचार्य ने कहा कि उनके पास शिकायत आई है। बारहवीं और स्नातक की सर्टिफिकेट व डिग्री की जांच के लिए संबंधित स्कूल शिक्षा बोर्ड और विवि को लिखा गया है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।