मंडी जिले के दुर्गम क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरों का जाल फैला हुआ है। स्वास्थ्य सेवाएं माकूल न होने के चलते लोगों को निजी क्लीनिक के सहारे रहना पड़ता है। दूरदराज के ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई की पकड़ भी ढीली रहती है।
लिहाजा झोलाछाप चिकित्सकों के लिए ऐसे स्थान फर्जी क्लीनिक चलाने के लिए उपयुक्त रहते हैं और लोगों की जान से खेलकर ऐसे शातिर खूब चांदी कूटते हैं। स्वास्थ्य और ड्रग्स विभाग ऐसे झोलाछाप डाक्टरों को चिन्हित करेगा।
हालांकि शिकायत आने पर ऐसी कार्रवाई होती रहती है। इसके बावजूद संवेदनशील क्षेत्रों में विभाग ऐसे झोलाछाप डाक्टरों पर कड़ी नजर रखेगा और कार्रवाई अमल में लाएगा।
ड्रग्स इंस्पेक्टर ललित कुमार ने कहा कि 40 वर्षीय कुमारेश विश्वास को स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक चलाते धरा है। वह दसवीं पास है। वह बलहरा में क्लीनिक का संचालन कर रहा था। मौके पर संचालन के दस्तावेज दिखाने में वह नाकाम रहा।
पुलिस की मदद से क्लीनिक को सीज कर लिया गया है। करीब 70 किस्म की दवाएं बरामद की गई हैं। ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान ड्रग्स इंस्पेक्टर सुंदरनगर रीना कुमारी भी टीम में मौजूद रहीं।
उन्होंने कहा कि यदि झोलाछाप डाक्टरों की कोई भी जानकारी या सूचना हो तो सीएमओ कार्यालय शिकायत करें या सूचना अवश्य दें ताकि, लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।