मानव भारती विश्वविद्यालय का संचालन करने वाले मानव भारती चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष राज कुमार राणा ने फर्जी डिग्रियां बेचकर अब तक 387 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा लिए हैं। इस अकूत काले धन की बदौलत ही उसने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्तियां खड़ी कीं। फर्जी डिग्रियों से कमाए पैसे से राजस्थान के सिरोही में माधव विश्वविद्यालय भी खड़ा कर दिया। यह खुलासा हिमाचल प्रदेश पुलिस, सीआईडी और प्रवर्तन निदेशालय की संयुक्त विशेष जांच टीम (एसआईटी) की तफ्तीश में हुआ है। जांच में पता चला है कि राणा ने साल 2009 में हरियाणा के करनाल स्थित अपने कार्यालय से फर्जी डिग्री बेचने का गोरखधंधा शुरू किया।