टांडा मेडिकल कॉलेज में 14 दिसंबर को मोतियाबिंद के ऑपरेशन करवाने के बाद पांच मरीजों की आंखों में रोशनी नहीं लौटी है। एक अन्य मोतियाबिंद के ऑपरेशन जिसमें सिर्फ लेंस डाला गया है, इस मरीज की आंखों की रोशनी लौट आई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि ऑपरेशन के बाद आंखों में डाली गई दवाइयाें से इन्फेक्शन हुआ है।
पांच मरीजों ने एक जैसी दवाइयां ही आंखों में डाली हैं। रोटरी आइज अस्पताल मारंडा में भर्ती ईशा कुमारी निवासी कोटला के बेटे विर्जन सिंह ने बताया कि दवाई डालने के बाद उनकी मां की तबीयत बिगड़ गई। टीएमसी में मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाया था।त्रिलोक पुत्र सावन लाल (73) अपर कोठी, कांगड़ा और खैराती लाल पुत्र दुनी चंद (65) निवासी कटाली, जवाली ने बताया कि आंखों में दवाई डालने के बाद परेशानी बढ़ी है।
संजीवन लाल पुत्र राजीव शर्मा (65) निवासी लवदीन और गीता कुमारी निवासी डाडासीबा का इलाज टांडा में चल रहा है। प्रारंभिक जांच में आंखों में डाले लेंस सही पाए गए हैं। अब टीएमसी प्रशासन ने दवाई के सैंपल कंडाघाट लैब भेजे हैं। बताया जा रहा है कि 15 दिसंबर को पांच मरीजों ने आंखों में दवाई डाली थी। इसके बाद जलन शुरू हो गई। दवाई डालने के बाद आंखों में जलन होने से पांच मरीजों में से तीन का इलाज रोटरी क्लब आईस अस्पताल मारंडा में चला। दो गंभीर मरीजों का इलाज पीजीआई में चल रहा है।