केंद्र सरकार ने दिसंबर 2024 के दौरान शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 को संशोधित कर केंद्रीय स्कूलों में लागू करने का फैसला लिया है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने भी नो डिटेंशन पाॅलिसी को समाप्त कर दिया है। हालांकि, वर्ष 2019 में ही प्रदेश सरकार ने पांचवीं और आठवीं में न्यूनतम अंक प्राप्त करने के बाद ही बच्चों को अगली कक्षा में भेजने का फैसला लिया था लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस पर सख्ती से अमल नहीं किया। सीएम सुक्खू लगातार गुणात्मक शिक्षा देने पर जोर दे रहे हैं।
इसी कड़ी में केंद्र सरकार का फैसला आते ही प्रदेश में भी नो डिटेंशन पाॅलिसी को बंद करने का फैसला लिया गया है। शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि चालू शैक्षणिक सत्र से लागू हो रही व्यवस्था के चलते ही बच्चों की एक्सट्रा क्लास भी लगाने का फैसला लिया गया है। एक्सट्रा क्लास में विद्यार्थियों की पढ़ाई में पेश आने वाली कमियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वार्षिक परीक्षा में पास नहीं होने वाले बच्चों को एक और मौका भी दिया जाएगा। दूसरी बार भी अगर विद्यार्थी न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर सके तो उन्हें पुरानी कक्षा में ही रोक दिया जाएगा।