फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीरभद्र फैक्टर पर फिर जताया भरोसा: बड़े फेरबदल से बिछाई सियासी बिसात, चुनाव न लड़ने की शर्त से साधे गुट

Wed, 27 Apr 2022 11:53 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए हाईकमान की ओर से चुनाव न लड़ने की शर्त लगने से कई दावेदार दौड़ से बाहर हो गए।  मंगलवार शाम को कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला के साथ मुकेश अग्निहोत्री और सुखविंद्र सिंह सुक्खू की लंबी चर्चा हुई।  
विज्ञापन
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद रामपुर पहुंचीं प्रतिभा सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस हाईकमान में उपचुनाव में मिली सफलता के बाद विधानसभा चुनाव में उतरने से पहले एक बार फिर वीरभद्र फेक्टर पर विश्वास जताया है। यही नहीं बड़े फेरबदल से सियासी बिसात को बिछाई ही, प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव न लड़ने की शर्त रखकर गुटों में बंटे नेताओं को भी साध लिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए हाईकमान की ओर से चुनाव न लड़ने की शर्त लगने से कई दावेदार दौड़ से बाहर हो गए।  

विज्ञापन


मंगलवार शाम को कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला के साथ मुकेश अग्निहोत्री और सुखविंद्र सिंह सुक्खू की लंबी चर्चा हुई।  सुखविंद्र सिंह सुक्खू और मुकेश अग्निहोत्री अध्यक्ष पद के लिए सशक्त माने जा रहे थे। हाईकमान की शर्त ने इन दोनों नेताओं को भी परेशानी में डाल दिया। सुक्खू ने तो कुछ दिन पहले स्वयं को अध्यक्ष की दौड़ से बाहर करते हुए चुनाव प्रचार कमेटी के अध्यक्ष के लिए लांबिग शुरू कर दी। मुकेश अग्निहोत्री को अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा मंगलवार दोपहर तक सियासी गलियारों में छाई रही।

शाम होते-होते मुकेश भी चुनाव नहीं लड़ने की शर्त को पूरा करने की जगह नेता विपक्ष की कुर्सी को ही तवज्जो दे गए। लंबी चर्चा के बाद हाईकमान ने प्रतिभा सिंह से फोन पर बात कर चार कार्यकारी अध्यक्षों के साथ उन्हें अध्यक्ष बनाने की पेशकश की, जिसे प्रतिभा सिंह ने स्वीकार किया। उल्लेखनीय है कि वीरभद्र सिंह के देहांत के बाद भाजपा कांग्रेस में नेतृत्व संकट को मुद्दा बनाती रही है। ऐसे में वीरभद्र सिंह की पत्नी एवं तीन बार की सांसद प्रतिभा सिंह को कमान सौंपकर नहले पे दहला फेंकने की कोशिश की गई है। 
विज्ञापन


प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाने और स्क्रीनिंग कमेटी सदस्य बनाने से बढ़ा सुक्खू का कद
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाने और स्क्रीनिंग कमेटी का सदस्य बनाने से कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कद बढ़ा है। सुक्खू छह साल के लंबे कार्यकाल तक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं। पिछली वीरभद्र सरकार के समय में भी वह कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष थे। एनएसयूआई से छात्र राजनीति के रास्ते कांग्रेस में आए सुक्खू आक्रामक नेता हैं। वीरभद्र सरकार में उन्होंने संगठन को नया स्वरूप देने का प्रयास किया।

उनकी कई मुद्दों पर वीरभद्र सिंह तनातनी भी रहती आई, मगर वह अपनी बात पुरजोर तरीके से रखते थे। पिछले विधानसभा चुनावों में वीरभद्र सिंह ही प्रचार समिति के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किए जाते रहे हैं और अब जिस तरह से सुक्खू को यह कमान दी है, उससे उनका कद बढ़ा है। यही नहीं, टिकट तय करने वाली स्क्रीनिंग कमेटी का सदस्य बनाकर भी हाईकमान ने यह बात साफ कर दी है कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की इन चुनाव में विशेष भूमिका रहने वाली है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें