शिमला शहर में दिवाली पर कई जगहों पर खराब और एक्सपायरी मिठाइयां बेची जा रही हैं। खुले में स्टाल लगे हुए हैं और मिठाई की गुणवत्ता को लेकर विभाग की ओर से कोई भी जांच नहीं की जा रही है। प्रशासन बराबर दबिश देने और जांच करने की बात कर रहा है लेकिन हकीकत में आम जनता को कई दुकानदार खराब मिठाइयां बेचकर अपने जेबें भरने में लगे हुए हैं।
ऐसे ही ठगी का शिकार ढली के रहने वाले यशपाल हुए। यशपाल का कहना है कि उन्होंने रिवोली रोड में बुधवार को एक दुकान से चार डिब्बे सोन पापड़ी के लिए। जब वह घर पहुंचे और डिब्बों को चैक किया तो हैरान रह तीन डिब्बों में मेन्यूफेक्चर और एक्सपायरी की कोई डेट नहीं लिखी थी और एक डिब्बे पर अक्तूबर 2015 की मेन्यूफेक्चर डेट लिखी है। यह मिठाई भी एक्सपायर हो चुकी है। यह लोगों के स्वास्थ्य के साख सीधा खिलवाड़ है।
वह इस बारे में लिखित शिकायत भी देना चाहते हैं लेकिन आम आदमी को इस बात की जानकारी ही नहीं है कि किससे वह शिकायत करें। उधर, महकमे का दावा है कि वह शिमला शहर में बाहर से आने वाली खराब मिठाइयों की खेप पर अंकुश लगाने के लिए तारादेवी के समीप नाके लगा रहे हैं।
बुधवार को भी एक टीम सुबह से शाम तक नाका लगा कर मौजूद थी लेकिन कोई भी उनके हाथ नहीं आया। आम लोगों का कहना है कि अगर टीम बाजारों में बिकने वाली मिठाइयों की जांच करें तो काफी हद तक इस पर अंकुश लग जाएगा। विभाग की ओर से इन
दिनों जो मिठाइयों के सैंपल लिए जा रहे हैं उनकी रिपोर्ट दिवाली के बाद आएगी तब तक लोग मिठाइयां खा चुके होंगे। हर बार ऐसा ही होता है सब जानते हुए भी विभाग और सरकार की ओर से आज तक इस बारे में गंभीरता से नहीं सोचा गया।
सख्त कार्रवाई करेगा विभाग
जो लोग शहर में एक्सपायरी डेट की मिठाइयां बेच रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मौके पर जाकर दुकानों से मिठाइयां जब्त की जाएंगी। अशोक मंगला, फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर