बद्दी के पास गांव में एक्सपायरी दवाएं फेंकीं।
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हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बद्दी के साथ लगते फलहां गांव में निजी पिकअप वाहन से एक्सपायरी दवाएं फेंकने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के विरोध के बाद वाहन चालक को ज्यादातर दवाएं वापस वाहन में भरकर ले जानी पड़ीं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर वहां मिली दवाओं के सैंपल भर लिए हैं। मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, बीते दिन एक पिकअप वाहन फलहां गांव के पास रुका। वाहन में सवार लोग ढांक में एक्सपायरी दवाओं के पैकेट फेंकने लगे।
इसकी भनक लगते ही गांव के सोहन लाल, गीता सिंह, अमना, प्रदीप सिंह, ध्यान चंद, हिमांशु, हनी, शुभम, जोगिंद्र सिंह सहित कई ग्रामीण और महिलाएं मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने वाहन चालक को घेरकर गांव के पास दवाएं फेंकने का कारण पूछा, लेकिन चालक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस बीच ग्रामीणों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी सूचना दे दी। ग्रामीणों के बढ़ते विरोध को देखकर चालक घबरा गया और फेंकी गई सभी दवाओं को दोबारा वाहन में भर लिया। ग्रामीण सोहन लाल ने बताया कि गांव के अधिकांश लोग पशुपालन से जुड़े हैं। यदि दवाओं की गोलियां, इंजेक्शन या पाउडर पशुओं द्वारा खा लिए जाते तो उनकी जान को खतरा हो सकता था। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिशासी अभियंता अभय परमार ने बताया कि सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर भेजी गई थी। मौके से दवाओं के सैंपल एकत्र किए गए हैं। पिकअप चालक और संबंधित विभाग या संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।