बंदरों की समस्या से जूझ रहे प्रदेशों को राहत पहुंचाने के लिए हिमाचल के वन विभाग ने पहल की है। प्रदेश का वन विभाग केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की मदद से बुधवार को सोलन में एक सेमीनार का आयोजन कर रहा है।
इसमें देशभर से आने वाले वन्यजीव विशेषज्ञ बंदरों से हो रही परेशानी पर चर्चा करेंगे। पहले इस सेमीनार में विभाग ने भारत के अलावा अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, मलयेशिया, हांगकांग, श्रीलंका और सिंगापुर के विशेषज्ञों को बुलाया था।
लेकिन फिलहाल किसी विदेशी विशेषज्ञ ने सेमीनार में आने में रुचि नहीं दिखाई। बुधवार को सोलन में होने वाले सेमीनार में बंदरों के व्यवहार पर सालों से रिसर्च कर रहे विशेषज्ञ इस दौरान इस बात पर चर्चा करेंगे कि कैसे बंदरों को आबादी वाले क्षेत्रों में आने से रोका जाए।
हिमाचल के अलावा बंदरों की समस्या से जूझ रहे दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार जैसे राज्यों के अधिकारी भी सेमीनार में आएंगे। प्रधान सचिव वन तरुण कपूर ने बताया कि सेमीनार में बंदरों की साइकोलॉजी को समझने का प्रयास किया जाएगा।
वर्तमान में हिमाचल में बंदरों की समस्या को रोकने के लिए जितने प्रयास हुए, उतने किसी प्रदेश में नहीं हुए। बावजूद इसके बंदरों के आतंक में खास कमी नहीं आई है। ऐसे में अब दूसरे देशों, जहां बंदरों की समस्या पर काम हो रहा है, उनसे सुझाव लेकर अमल में लाया जाएगा।