मेडिकल कालेजों में आधारभूत ढांचा विकसित करने की जरूरत : वर्मा
स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एमआर वर्मा ने कहा कि हिमाचल में लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्पेशलिस्ट डाक्टरों की भर्ती होनी चाहिए। आईजीएमसी और टांडा के अलावा हिमाचल में चार नए मेडिकल कालेज और चम्याणा सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल हैं। इनमें अब आधारभूत ढांचा विकसित किए जाने की जरूरत है।
एक छत के नीचे सभी चिकित्सा सुविधाएं हों उपलब्ध : डॉ. पॉल
इंदिरा गांधी मेडिकल काॅलेज सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. सुरेंद्र पॉल ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को एक छत के नीचे सभी चिकित्सा सुविधा मुहैया होनी चाहिए, ताकि मरीज भटकें नहीं। अस्पतालों में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की है। मरीज के तीमारदारों को गाडी खड़ी करने की लिए पार्किंग नहीं मिल पाती। आईजीएमसी और चम्याणा अस्पताल के बीच मरीजों की सुविधा के लिए तालमेल बैठना होगा। मरीजों को सभी सुविधा अस्पतालों में मिले ताकि उन्हें पीजीआई व एम्स जाने की जरूरत न पड़े।
स्वास्य्य के क्षेत्र में बजट से उम्मीदें
- मरीजों को निशुल्क दवाइयां व अस्पताल में निशुल्क उपचार हो।
- पीजीआई और एम्म की तर्ज पर मेडिकल कालेजों में मिले चिकित्सा सुविधा।
- स्पेशलिस्ट डाक्टरों की तैनाती हो।
- बड़े ऑपरेशन करने के लिए महीने में एक बाहर बाहरी राज्यों से डॉक्टर बुलाए जाएं।
- टेलीमेडिसन चिकित्सा सुविधा को मजबूत करने की जरूरत।
-आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज के अलावा अन्य मेडिकल कालेजों में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिले
ओपीएस न मिलने और भर्ती एवं पदोन्नति प्रक्रिया बंद होने से बिजली कर्मचारी खफा
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने ओपीएस बहाल न होने और भर्ती एवं पदोन्नति प्रक्रिया ठप होने पर नाराजगी जताई है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण कापटा ने एक प्रेस बयान के माध्यम से कहा कि प्रदेश में भारी बर्फबारी की वजह से बाधित हुई विद्युत व्यवस्था को पुनः पटरी पर लाने के लिए प्रदेश भर के विद्युत कर्मचारी फील्ड एवं तकनीकी कर्मचारियों की कमी के बावजूद दिन रात कार्य कर रहे हैं। उन्होंने फील्ड एवं तकनीकी कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि कार्य के साथ-साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें और सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करें। लक्ष्मण कापटा ने कहा है कि सरकार और विद्युत प्रबंधन वर्ग भी फील्ड एवं तकनीकी कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा का लोहा मानती है। परंतु यह बड़े खेद का विषय है कि विगत एक वर्ष से बिजली बोर्ड के लगभग 6500 कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली से महरूम रखा गया है और यह मामला अधर में लटका पड़ा है।