प्रदेश के नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को अब गंभीर बीमारी के इलाज के लिए 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। इससे पूर्व इस वर्ग के पूर्व सैनिकों को गंभीर बीमारी के इलाज के लिए 25 हजार रुपये की राशि दी जाती रही है। नॉन पेंशनर पूर्व सैनिक ईसीएचएस से भी नहीं जुड़े होते हैं, इसलिए सैनिक कल्याण विभाग इन्हें यह सहायता राशि बीमारी के इलाज के लिए देता है।
इसके लिए इलाज करवाने वाले नॉन पेंशनर पूर्व सैनिक को राशि के लिए क्लेम करना पड़ता है। इसके बाद 50 हजार विभाग उक्त पूर्व सैनिक को देगा। नॉन पेंशनर होने के कारण यह वर्ग ईसीएचएस से भी नहीं जुड़ पाया है। ऐसे में ऐसे नॉन पेंशनरों को विभाग गंभीर बीमारी के इलाज पर सहायता राशि देता है। जो पहले 25 हजार थी और अब इसे बढ़ाकर पचास हजार कर दिया है। इसके लिए नॉन पेंशनर पूर्व सैनिक की आय 35 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। वहीं नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को एकमुश्त मिलने वाली वित्तीय सहायता भी बढ़कर 20 हजार हो गई है।
पहले यह एकमुश्त सहायता राशि दस हजार मिलती थी। इसके लिए 35 हजार से कम इनकम वाले नॉन पेंशनर पूर्व सैनिक और उनकी विधवाओं कों आवेदन करना होता है। सैनिक कल्याण विभाग के ओएसडी अनुपम ठाकुर ने कहा कि गंभीर बीमारी के लिए मिलने वाली राशि 25 से बढ़कर 50 हजार हो गई है। इस वर्ग के लिए मिलने वाली एकमुश्त वित्तीय सहायता भी 20 हजार हो गई है।