जुब्बल-कोटखाई के पूर्व विधायक और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर ने कहा है कि केंद्र सरकार के नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के फैसलों ने ही सेब के दाम गिराए हैं। केंद्र सरकार हिमाचल से सौतेला व्यवहार कर रही है, जबकि जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार की ओर से बागवानों का सेब खरीदा जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग कि वे केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर हिमाचल के बागवानों का सेब खरीदने की मांग उठाएं।
ठाकुर ने कहा कि सेब की कीमत इतनी घट गई है कि जो सेब की कीमत 10 साल पहले हुआ करती थी, वह बागवानों को आज मिल रही है। गत वर्ष 2018 में सेब की मात्र 1.50 करोड़ पेटियों का उत्पादन हुआ था। इतना कम उत्पादन होने के बावजूद बागवानों को सही मूल्य नहीं मिल रहा है। इस वर्ष तो सेब के मूल्य में रिकॉर्ड गिरावट देखने को मिली है। अब तक दो करोड़ सेब की पेटियां मंडियों में जा चुकी हैं।
अब मात्र 30 प्रतिशत सेब शेष रहा है। सरकार की ओर से इस वर्ष अनुमान से काफी कम सेब उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है। प्रदेश में सेब का कारोबार 4000 से 5000 करोड़ के बीच में रहता था। लेकिन इस बार आधे में ही सिमटने का अंदेशा है।