हिमाचल में ईवीएम और वीवीपैट के पहले चरण की जांच 28 मार्च को होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की मौजूदगी में जांच की जाएगी। स्ट्रॉन्ग रूम से मशीनों को बूथ स्तर पर भेजने के उपरांत भी इन मशीनों की जांच पड़ताल होगी। लोकसभा चुनाव में इस बार हिमाचल में 7723 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को उपयोग में लाया जा रहा है।
प्रति बूथ एक अतिरिक्त मशीन उपलब्ध होगी यह इसलिए ताकि मशीन के खराब होने की स्थिति में दूसरी मशीन को उपयोग में लाया जा सके। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ईवीएम की निगरानी के लिए उचित कदम उठाएं। जिला निर्वाचन कार्यालय, मुख्य निर्वाचन कार्यालय स्तर पर जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली को अपनाया जाएगा ताकि मशीनों की सही तरीके से रखवाली की जा सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार ने कहा कि राज्य और जिला मुख्यालयों में वोटर हेल्पलाइन चौबीस घंटे उपलब्ध होगी। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए शैक्षणिक, तकनीकी और व्यावसायिक संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने नए पात्र मतदाताओं को पंजीकृत करने के लिए हर संभव प्रयास करने को भी कहा है।