मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि अगर एक साल बाद हालात सामान्य होते हैं तो राशन पर सभी को दोबारा सब्सिडी देने पर विचार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री का यह बयान पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने इस फैसले पर आपत्ति जताई थी। अब उपभोक्ता डिपुओं में उड़द साबुत, चना, मलका व मूंग साबुत में से प्रति माह कोई तीन दालें खरीद सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले पात्र परिवार की अब संशोधित सालाना आय सीमा 35 से 45 हजार की जाएगी। इससे प्रदेश के लगभग 1.50 लाख अतिरिक्त परिवारों को सस्ते राशन का लाभ होगा। प्रदेश में छह लाख 78 हजार 338 परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आते हैं जिनकी कुल संख्या 27 लाख 84 हजार 717 है। जबकि प्रदेश के लिए लक्ष्य 36 लाख 81 हजार 586 रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिवारों को आटा 3.30 रुपये और चावल 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलेगा।