जिला मुख्यालय हमीरपुर में प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के स्पॉट मूल्यांकन केंद्र पर नियमों के विपरीत उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हो रही है। सेंटर में बोर्ड के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को हर जिला मुख्यालय पर स्पॉट मूल्यांकन केंद्र स्थापित किए हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर में भी मूल्यांकन सेंटर स्थापित किया है। यहां मूल्यांकन ड्यूटी में तैनात अध्यापक स्ट्रांग रूम में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की बजाय बरामदे और अन्य जगह पर बैठकर कर रहे हैं। ‘अमर उजाला’ ने सोमवार को 12.35 बजे रावमापा बाल के स्पॉट मूल्यांकन सेंटर का निरीक्षण किया तो अध्यापक कमरे में बैठने की बजाय बरामदे में उतर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते पाए।
इस स्कूल में मैट्रिक और दस जमा दो बोर्ड परीक्षाओं की उतरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने के लिए केंद्र स्थापित किया गया है। इस केंद्र पर मूल्यांकन के लिए आठ कमरों और 200 अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक अध्यापक को सुबह दस बजे से सायं पांच बजे तक 30 उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना होता है। केंद्र पर 24 मार्च से उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो रहा है, लेकिन यहां उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन आवंटित कमरे की बजाय कहीं ओर ही हो रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
रावमापा बाल की प्रिंसिपल मंजू ठाकुर ने कहा कि हमारे स्कूल में शिक्षा बोर्ड ने स्पॉट सेंटर स्थापित किया है। इसके लिए स्कूल में आठ कमरों की व्यवस्था की गई है। कमरे से बाहर बरामदे में उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन नियमों के विपरीत है। इस बारे में बोर्ड प्रभारी से बात की जाएगी।
रावमापा बाल में स्थापित स्पॉट मूल्यांकन सेंटर के प्रभारी कश्मीर सिंह ने कहा कि सोमवार को वह कमरे के भीतर अपना काम निपटा रहे थे। इस दौरान कुछ अध्यापकों को बरामदे में बैठ कर उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते पाया गया है। उन्हें कमरों में बैठाने के साथ सख्त हिदायत भी दी गई।