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Shimla News: शिमला-मटौर हाईवे के किनारे से शालाघाट तक हटेंगे कब्जे

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लोक निर्माण विभाग का एनएच विंग करेगा कार्रवाई
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सड़क किनारे से 30 जगहों पर बने हैं अवैध ढांचे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। न्यायालय के आदेशों पर लोक निर्माण विभाग का एनएच विंग शिमला से शालाघाट तक राष्ट्रीय उच्च मार्ग 205 पर शिमला-मटौर के किनारे वन और एनएच की भूमि पर अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान शुरू करने की तैयारी में है।
बीते सप्ताह कैथलीघाट से लेकर मैहली तक एनएच के किनारे से 45 कब्जों को हटाने के लिए चलाए पीले पंजे के बाद अब राष्ट्रीय उच्च मार्ग 205 को भी पूरी तरह से अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए कार्रवाई की जाएगी। 31 किलोमीटर लंबे इस एनएच के किनारे मौजूदा समय में 30 से अधिक छोटे-बड़े अतिक्रमण हैं। इनमें अस्थायी तौर पर लकड़ी और तिरपाल के स्ट्रक्चर बनाए गए हैं। इनमें से बहुत से भुट्टे बेचने वाले और सेंधा नमक आदि बेचकर गुजर-बसर करने वाले लोग हैं। इसके अलावा अस्थायी ढाबे, सड़क किनारे वाहन खड़े कर फास्ट फूड बेचने वालों के साथ सड़क किनारे बनी दुकानों को ही आगे बढ़ाकर कारोबार करने के मामले शामिल हैं।
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लोक निर्माण विभाग एनएच विंग सोलन डिवीजन का शालाघाट सब-डिवीजन इस अतिक्रमण को हटाने के लिए जल्द अभियान शुरू करने की तैयारी में है। लोक निर्माण विभाग एनएच विंग के सहायक अभियंता नेत्र प्रकाश और कनिष्ठ अभियंता राकेश कुमार ने माना कि जल्द ही एनएच तथा वन भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए कैथलीघाट से मैहली (एनएच 5) पर जिस तरह से मजदूरों और मशीनों के साथ कार्रवाई कर अवैध कब्जे हटाए गए थे, उसी तर्ज पर इस राष्ट्रीय उच्च मार्ग को भी खाली करवाने के लिए कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि करीब तीस स्थानों पर एनएच किनारे ऐसे छोटे कारोबार चल रहे हैं। इस कार्रवाई में वन विभाग भी एनएच की टीम का सहयोग करेगा।
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बीते सप्ताह भी चलाया था अभियान
लोक निर्माण विभाग के सब-डिवीजन ने बीते सप्ताह दो दिवसीय अभियान के पहले दिन कैथलीघाट से लेकर तारादेवी तक 30 और दूसरे दिन इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए तारादेवी से मैहली के बीच एनएच किनारे हुए 15 अतिक्रमणों को हटाया था। एनएच की भूमि पर फिर से अतिक्रमण न हो, यह पूरी तरह से विंग की मुस्तैदी पर निर्भर करेगा। इसके लिए एनएच विंग को नियमित रूप से दौरा कर यह सुनिश्चित करना होगा कि यहां फिर से अतिक्रमण कर दुकानें सजना शुरू न हो जाएं।
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