सूबे में विधानसभा चुनाव सिर पर है और कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। वीरवार को कर्मचारी संगठन हिमाचल प्रदेश कर्मचारी परिसंघ के प्रदेशाध्यक्ष विनोद कुमार, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ समानतर गुट के अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर, शिक्षक महासंघ के अध्यक्ष डा. मामराज पुंडीर और सेवानिवृत कर्मचारी नेता जीवन शर्मा ने संयुक्त पत्रकार वार्ता कर सरकार पर जबरदस्त हमला बोला।
कर्चारी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने वाले कर्मियों की आवाज दबाई जा रहीं है। साथ ही उन्हें प्रताड़ित करने के लिए तबादला और फिर सीधे निलंबित किया जा रहा है।
परिसंघ अध्यक्ष विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि उन्हें स्वयं भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को उठाने पर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दो बार सस्पेंड किया जा चुका है और तीन बार उनका तबादला किया गया। उन्होंने बागवानी विभाग के तहत विश्व बैंक पोषित योजनाओं में घपलों का आरोप लगाते हुए सी.बी.आई जांच की मांग उठाई।
कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि घोटाले करने वाले बचेंगे नहीं लेकिन प्रदेश में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को उजागर करने वालों को ही सरकार द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। कुमार ने कहा कि बागवानी विभाग में घोटालों की शिकायत उन्होंने खुद राज्यपाल, सीएम और बागवानी मंत्री से की और उसके एवज में उन्हें ट्रांसफर और निलंबन की सजा मिली है।