केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन से बैंकों की एचआर पॉलिसी में बदलाव का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के बैंकों से मुकाबला करने के लिए भारत के बैंकों की क्षमता बढ़ना जरूरी है। बैंकों का दायरा बढ़ाने के लिए ही विलय किया जा रहा है।
बैंकों का विलय होने पर क्षेत्रीय स्तर पर ही कर्मचारियों को ऐडजस्ट किया जाना चाहिए। दूर के राज्यों में तबादले होने से कर्मचारियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। बैंक का काम भी इससे प्रभावित होगा।
शुक्रवार को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर राजधानी शिमला में आयोजित ग्राहक संपर्क पहल कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने भारत सरकार की ओर से कारपोरेट टैक्स में की गई कटौती को ऐतिहासिक बताया।
उद्यमियों से इसका लाभ उठाने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था लेकिन, बैंकों से लोगों को जोड़ने के लिए अधिक प्रयास नहीं किए गए।
मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 36 करोड़ नए खाते खोले हैं। इनमें एक लाख 36 हजार करोड़ तक पैसा जमा हो गया है। अनुराग ठाकुर ने बैंकों से छोटे उद्यमियों की मदद करने का भी आह्वान किया।