प्रदेश में जब से कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है, तब से कर्मचारी नेताओं में आपसी रंजिश के चलते खींचतान चल रही है। सीएम कार्यालय में फिर से कर्मचारी नेताओं की शिकायत पहुंच गई है।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा और समानांतर गुट के अध्यक्ष रहे सुरेंद्र मनकोटिया के बीच समझौता होने के बाद अब जिलों और कार्यालय में गठित संघ के कर्मचारी नेता आपस में एक-दूसरे पर गुटबाजी का आरोप लगाकर खार खा रहे हैं।
प्रदेश में महासंघ को बने हुए ढाई महीने से अधिक समय हो गया है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों की जेसीसी नहीं हुई है। सरकार से मान्यता प्राप्त महासंघ बनने के बाद जिलों और विभाग के कर्मचारी नेताओं से मांग पत्र मांगे थे। इन मांगों को दिए हुए करीब एक माह से अधिक समय हो गया है।
मांग प्रस्ताव का क्या हुआ है, इसका पता नहीं है। इधर, महासंघ दावा कर रहा है कि मांग प्रस्ताव सरकार को सौंपा गया है। पर्सनल विभाग से कर्मचारी संघ का मांग प्रस्ताव विभागों के एचओडी को भेजा है। एचओडी को सरकार की ओर से एक बार फिर रिमाइंडर भेजा गया है।
महासंघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा ने बताया कि कुछेक सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ को बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं, ये नेता कर्मचारियों को आपस लड़ाकर महासंघ को कमजोर करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की शिकायत मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से की गई है।