मौसम खराब होने के कारण कांगड़ा की ग्राम पंचायत सिद्धपुरघाड़ की बुहल खडड् के समीप खेतों में पायलटों ने सेना के दो हेलिकॉप्टरों की आपातकालीन लैंडिंग कर दी।
हेलिकॉप्टर उतारने से पहले काफी देर तक पायलट आसमान पर चक्कर काटते रहे। बाद में पायलटों ने खेतों में खाली जगह दिखाई देने पर हेलिकॉप्टर उतार दिए।
बताया जा रहा है कि दोनों हेलिकाप्टर आर्मी के थे। बारिश बंद होने के बाद हेलिकॉप्टरों ने उड़ान भरी।
भारी बारिश से रास्ते बंद, घंटों जाम
कांगड़ा में जिलाभर में भारी बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन से मार्ग बाधित होने पर घंटों जाम लगा रहा। धर्मशाला में शिक्षा बोर्ड के पास भूस्खलन होने से सुबह एक घंटा जाम लगा रहा। थातरी (खनियारा) के पास भी रास्ता बंद हो गया।
थातरी (खनियारा) में आठ घंटे रास्ता बंद रहा। इससे रोजमर्रा की वस्तुएं भी लोग घरों तक नहीं पहुंचा पाए। एजूकेशन बोर्ड के पास भूस्खलन के कारण कांगड़ा-धर्मशाला मार्ग एक घंटा बाधित रहा है। भूस्खलन करीब साढ़े दस बजे हुआ। इसके बाद मार्ग साढ़े 11 बजे ही यातायात के लिए खुल पाया।
मार्ग के अवरुद्ध रहने के कारण सैकड़ाें वाहन जाम में फंस गए। धर्मशाला आने वाले लोग देरी से जिला मुख्यालय पहुंचे। थातरी के पास लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी के माध्यम से रास्ते को खुलवाया। मंगलवार को भी थातरी में भूस्खलन हुआ था। वहीं, गगल के पास कुठमां में भी भूस्खलन से पठानकोट-मंडी हाईवे पर बार-बार जाम लगता रहा।
मार्ग बंद रहने से मुश्किल में फंसे लोग
वाहन चालकों राकेश कुमार, दीप राज, मुकेश कुमार, ओम प्रकाश ने बताया कि एजूकेशन बोर्ड के पास जाम लगने के कारण वे देरी से पहुंचे। थातरी के रहने वाले उमेश, कपिल, श्याम ने बताया कि भूस्खलन के कारण उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी पेश आई है।
पहाड़ी पर अधूरा ढंगा गिरने की कगार पर
स्कूल शिक्षा बोर्ड के समीप हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए एक वर्ष पूर्व लगा अधूरा डंगा गिरने की कगार पर है। इसके नीचे से पत्थर निकलने शुरू हो गए हैं। मार्ग पर इस डंगे के ठीक ऊपर एक घर भी है। डंगा गिरने से घर को भी खतरा पैदा हो जाएगा। बताया जा रहा है कि लोेक निर्माण विभाग के पास बजट खत्म हो गया है। इस कारण डंगे का काम नहीं हो पा रहा है।
डंगे के निर्माण को 3 लाख का प्राक्कलन तैयार: एक्सईएन
लोक निर्माण विभाग धर्मशाला के एक्सईएन विजय चौधरी ने बताया कि स्कूल शिक्षा बोर्ड के समीप डंगे के निर्माण के लिए तीन लाख रुपये का एस्टिमेट तैयार कर सरकार को भेजा है। इसे स्वीकृति मिलते ही डंगे का निर्माण शुरू किया जाएगा। थातरी और एजूकेशन बोर्ड के पास भूस्खलन के बाद जेसीबी के माध्यम से मार्ग खुलवाया गया।