हिमाचल के चंबा में अदालत ने चरस तस्करी के आरोप साबित होने पर दोषी को 11 साल का कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विशेष न्यायाधीश चंबा राजेश तोमर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी विजय रेहलिया ने की। चरस तस्करी का यह मामला 18 सितंबर 2018 का है।
एएसआई करतार सिंह की अगुवाई में टीम सुबह के समय चंबा-पठानकोट मार्ग पर तुन्नुहट्टी बैरियर के समीप गश्त पर थी। इस दौरान यहां से गुजर रहे वाहनों की तलाशी ली जा रही थी। पंजाब नंबर की एक कार को भी तलाशी के लिए रोका गया।
कार में एक ही व्यक्ति सवार था। पुलिस को पूछताछ के दौरान इस पर शक हुआ। जब कार की तलाशी ली गई तो पुलिस टीम ने 7.056 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और चरस तस्करी का मामला दर्ज किया।
मामले की छानबीन के बाद अदालत में चालान पेश किया। मामले में बीस गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मंगलवार को अदालत ने इस मामले को लेकर अपना फैसला सुनाया।