हिमाचल के कुल्लू स्थित मलाणा प्रोजेक्ट में तकनीकी खराबी आने से प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में 60 फीसदी बिजली कम आ रही है। इससे बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, ऊना, कालाअंब और पांवटा साहिब के औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।
60 फीसदी बिजली कम आने से सभी उद्योगों की सप्लाई बंद कर दी गई है। बिजली बोर्ड की ओर से सब स्टेशनों के तहत रूटीन में फीडरों पर कट लगाए जा रहे हैं। वहीं, बीबीएनआईए के पदाधिकारियों का कहना है कि बिजली सप्लाई कम आने से उद्यमियों को करोड़ों का नुकसान हो जाएगा।
बद्दी के काठा सब स्टेशन में 185 मेगावाट बिजली की खपत है। यहां पर 60 मेगावाट बिजली आ रही है। जबकि, झाड़माजरी सब स्टेशन में 115 एमबीए बिजली लगती है, यहां पर 60 मेगावाट बिजली पहुंच रही है। अचानक सप्लाई बंद होने से 50 फीसदी उद्योग डीजी सेट से चल रहे हैं।
बीबीएनआईए पावर कमेटी के चेयरमैन शैलेश अग्रवाल ने बताया कि स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर (एसएलडीसी) की मनमानी के चलते हजारों उद्योगपतियों को अचानक बिजली बंद होने से नुकसान हुआ है। डीजी सेट चलने से बिजली का खर्चा दोगुना हो जाता है। वहीं सभी उद्योगों में डीजी सेट चलने से प्रदूषण भी बढ़ता है।
उधर, बीबीएनआईए के अध्यक्ष राजेंद्र गुलेरिया, महासचिव वाईएस गुलेरिया, संगठन सचिव अश्वनी शर्मा, सलाहकार दीपक भंडारी, दिनेश जैन और संजय खुराना ने बताया कि तीन दिन तक बिजली सप्लाई कम आने से पहले से मंदी की मार झेल रहे उद्योगों को करोड़ों का नुकसान हो जाएगा। जिसकी पूरे माह भरपाई करना उद्यमियों के वश की बात नहीं रहेगी।