हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्र पांगी में 900 किलोवाट क्षमता के साच पावर हाउस में विद्युत उत्पादन ठप पड़ गया है। इसका कारण पावर हाउस में संचालित होने वाली 450-450 किलोवाट क्षमता की दोनों मशीनों में तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। विद्युत उत्पादन ठप होने से पांगी के अधीन आती 14 पंचायतों फिंडरू, करयूनी, साच, फिंडपार, सेंचू, मिंधल, कुमार, परमार, रैई, चस्क भुटोरी इत्यादि में बिजली बंद पड़ी है। इससे पांगीवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल तक नहीं कर पा रहे हैं।
विद्युत उपभोक्ताओं का कहना है कि लचर व्यवस्था के चलते पांगीवासियों को हर पल परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। उन्होंने पांगी की आवासीय आयुक्त को लचर व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने का आग्रह किया है। जनजातीय क्षेत्र पांगी सर्दी के मौसम में छह माह के लिए देश-दुनिया से पूरी तरह से कट जाता है। इतना ही नहीं, इस मर्तबा तो मई में भी बर्फबारी का दौर चलता रहा। इससे लोगों की दुश्वारियां कम होती नहीं दिख रही हैं। अब पांगी के साच स्थित पावर हाउस में विद्युत उत्पादन बंद होना लोगों की परेशानियों को बढ़ाने का ही काम कर रहा है। लोगों को अपने मोबाइल चार्ज करने के लिए किलाड़ मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है।
वहीं, विद्युत बोर्ड के कर्मचारी भी क्षेत्र में सप्लाई को लेकर एक-दूसरे से संपर्क तक नहीं साध पा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह वॉकी टॉकी सेटों का न होना है। क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर प्रदान किए जाने वाले अमूमन 9 के करीब वॉकी टॉकी सेट भी खराब पड़े हुए हैं।
पांगी में जल्द व्यवस्थाएं बहाल होंगी
विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता राजीव ठाकुर ने बताया कि पांगी में बंद पड़े पावर हाउस को संचालित करवाने के प्रयास जारी हैं। कहा कि जल्द ही पांगी में व्यवस्थाएं बहाल करवा दी जाएंगी।