यही गलू विंड मैगलेव मिल के लिए हजारों मेगावाट बिजली पैदा कर सकते हैं। डॉ. शिंदे ने देश की पहली मैगलेव तकनीक से बनी सुपर कंडक्टर ट्रेन के मॉडल की प्रोजेक्टर से जानकारी दी।
उन्होंने कहा, भारत के पास स्वदेशी तकनीक से 600 किलोमीटर प्रतिघंटा से चलने वाली ट्रेन का मॉडल तैयार हो चुका है। इसका हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन भी हो चुका है।
यह रहे मौजूद
इस मौके पर प्रधानाचार्य अजय कपूर, फिजिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. विवेक वैद्य, प्रो. विनोद कुमार, डॉ. कामेश्वर व धमेंद्र राणा, डॉ. मेनका, डॉ. कुलदीप, डॉ. सोनू शर्मा, रसायन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सीपी कौशल, डॉ. सुधीर, जीव विज्ञान विभाग की अध्यक्ष अर्चना कपूर, डॉ. आशीष व हैक्स मैग्रेट के सीईओ आरूष कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहें।