फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में पहाड़ों की तेज हवा से तैयार हो सकती है बिजली

Mon, 22 Jul 2019 10:26 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुंदरनगर (मंडी)
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मंडी जिले के पर्वतीय इलाके बड़े पैमाने पर बिजली पैदा कर सकते हैं। खासकर शिकारी, कमरूनाग जैसी पर्वतीय चोटियों में चलने वाली तेज हवा से बेहिसाब विद्युत उत्पादन हो सकता है।

विज्ञापन


यह दावा आरआर कैट इंदौर से बतौर हेड मैग्नेट टेकनोलॉजी डिवीजन से सेवानिवृत्त डॉ. आरएस शिंदे ने किया है। डॉ. शिंदे सुंदरनगर के एमएलएसएम कॉलेज में विज्ञान की कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में शिकारी, कमरूनाग और कई पर्वतीय चोटियों पर हवा बहुत तेज चलती है।

ऐसे स्थान विंड मैगलेव मिल से क्लीन एनर्जी के रूप में बिजली पैदा कर सकते हैं। इस बिजली के जरिए वाटर अपलिफ्ट मोटर, आटे की चक्कियां, सिंचाई सुविधा को चलाया जा सकता है। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अक्सर थोड़ी सी बारिश आने पर बिजली और पानी का बंद होना आम है। विंड मैगलेव मिल से तूफान और बारिश में बिजली पैदा होती है। हिमाचल में कई ऐसी जगह हैं जहां पर दो पहाड़ आपस में मिलते हैं, जिन्हें गलू कहा जाता है।

Trending Videos
विज्ञापन

600 किमी रफ्तार वाली ट्रेन का मॉडल तैयार

यही गलू विंड मैगलेव मिल के लिए हजारों मेगावाट बिजली पैदा कर सकते हैं। डॉ. शिंदे ने देश की पहली मैगलेव तकनीक से बनी सुपर कंडक्टर ट्रेन के मॉडल की प्रोजेक्टर से जानकारी दी।

उन्होंने कहा, भारत के पास स्वदेशी तकनीक से 600 किलोमीटर प्रतिघंटा से चलने वाली ट्रेन का मॉडल तैयार हो चुका है। इसका हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन भी हो चुका है। 

यह रहे मौजूद
इस मौके पर प्रधानाचार्य अजय कपूर, फिजिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. विवेक वैद्य, प्रो. विनोद कुमार, डॉ. कामेश्वर व धमेंद्र राणा, डॉ. मेनका, डॉ. कुलदीप, डॉ. सोनू शर्मा, रसायन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सीपी कौशल, डॉ. सुधीर, जीव विज्ञान विभाग की अध्यक्ष अर्चना कपूर, डॉ. आशीष व हैक्स मैग्रेट के सीईओ आरूष कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें