औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में टैक्स की अदायगी न करना 31 उद्योगों को महंगा पड़ गया है। हिमुडा ने इन उद्योगों पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने हाईकोर्ट के आदेशों के अमल में ये कार्रवाई की जिससे उद्योगों में हड़कंप मच गया।
औद्योगिक शहर परवाणू में नगर परिषद को समय पर टैक्स न चुकाने वाले डिफाल्टर उद्योगों पर बिजली बोर्ड की कार्रवाई के बाद हिमुडा की भी गाज गिर गई। हिमुडा ने 37 डिफाल्टरों की लिस्ट पर कार्रवाई करते हुए 31 उद्योगों के पानी के कनेक्शन काट दिए।
छह डिफाल्टर उद्योगों ने कार्रवाई से पहले ही अपना टैक्स चुका दिया। शहर में समय पर टैक्स जमा न करवाने वाले डिफाल्टरों की सूची नगर परिषद परवाणू ने प्रदेश हाई कोर्ट में पेश की थी।
हिमुडा को मिली थी इतने उद्योगों की सूची
इसके बाद इस मामले में हाई कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए ऐसे उद्योगों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी हुए थे। इसके बाद शहर में पानी की सप्लाई करने वाली हिमुडा को 37 डिफाल्टरों की लिस्ट मिली थी और तुरंत इन उद्योगों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी हुए थे।
इसके बाद हिमुडा ने सोमवार को सुबह से ही अपनी कार्रवाई शुरू की और सभी उद्योगों के पानी के कनेक्शन काट दिए। इससे पूर्व बिजली बोर्ड ने उद्योगों की बिजली काट दी थी।
परवाणू शहर में पर्यावरण के साथ खिलवाड़ और समय पर टैक्स जमा न करने के मामले में अभी तक करीब 60 उद्योगों के बिजली के कनेक्शन भी काटे गए हैं। रविवार तक बिजली बोर्ड ने अपनी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 59 के कनेक्शन काटे थे।
प्रशासनिक के आदेशों पर की कार्रवाई : ठाकुर
लेकिन एक उद्योग का पता न मिलने के कारण उस पर कार्रवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद सोमवार को बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने सुबह ही उद्योग को खोज कर उसके भी कनेक्शन काट दिए।
इससे पहले 9 उद्योगों पर पर्यावरण के साथ खिलवाड़, 14 चूल्हा उद्योग, शनिवार को समय पर टैक्स न जमा करने वाले 25 उद्योग और रविवार को 11 उद्योग शामिल हैं। हिमुडा के सहायक अभियंता राजेश ठाकुर ने बताया कि उन्हें 37 उद्योगों की सूची मिली थी।
इसमें से 31 उद्योगों के पानी के कनेक्शन काट दिए हैं। छह उद्योगों ने अपना टैक्स जमा करवा लिया है। इस कारण उनके कनेक्शन नहीं काटे हैं। यह कार्रवाई प्रशासनिक के आदेश पर की गई है।