निर्धारित तारीख तक बिजली का बिल जमा नहीं करवाने वाले शहर के 910 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं। 15 दिन के भीतर उपभोक्ताओं को बिल जमा करवाने के आदेश दिए हैं। एक हजार रुपये से अधिक का बिजली बिल नहीं चुकाने वाले उपभोक्ताओं को यह नोटिस जारी किए हैं।
नोटिस में 15 दिन की मोहलत दी है। इस मोहलत के बाद बिजली बोर्ड डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटना शुरू करेगा। विद्युत बोर्ड के पैसे पर कुंडली मारकर बैठे शहर के उपभोक्ताओं के खिलाफ सिटी डिवीजन और डिवीजन नंबर एक ने कार्रवाई करना शुरू कर दी है।
15 दिन में जमा करें बिल
डिवीजन नंबर एक के तहत ढली सब डिवीजन में 250, मशोबरा सब डिवीजन में 70, जतोग सब डिवीजन में 30 और खलीणी सब डिवीजन के तहत 100 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं। सिटी डिवीजन के तहत 300 उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में 15 दिनों के भीतर बिजली बिल जमा करवाने की हिदायत दी गई है।
बिजली बोर्ड कर्मी नोटिस देने के काम में जुटे हैं। नोटिस बनाने की प्रक्रिया दोनों कार्यालयों में जारी है। एक सप्ताह के भीतर सभी नोटिस जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। सिटी डिवीजन ने 160 उपभोक्ताओं के अस्थाई तौर बिजली कनेक्शन काटने के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
लोगों से अपील, कनेक्शन कटने से बचाएं
विद्युत बोर्ड के सिटी डिवीजन के अधिशासी अभियंता विशेषवर शर्मा और डिवीजन नंबर एक के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने नोटिस जारी करने की पुष्टि की है। दोनों अधिकारियों का कहना है कि नोटिस के बाद भी बिल जमा नहीं करवाने वाल उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
बिल जमा करवाने के लिए 15 दिन की अंतिम मोहलत दी है। बिजली बोर्ड ने सभी डिफाल्टर उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द बिजली बिल जमा करवाने की अपील की है। अगर उपभोक्ताओं ने ऐसा नहीं किया तो बिजली बोर्ड और कोई नोटिस दिए बिना अपनी कार्रवाई को अंजाम देगा।
दो तरह से कटेंगे बिजली कनेक्शन
नोटिस के बाद भी बिजली बिल जमा नहीं करवाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बोर्ड दो तरह से कनेक्शन काटता है। पहले अस्थाई तौर पर कनेक्शन काटा जाता है। इसके तहत डिफाल्टर उपभोक्ता की बिजली मीटर से तार काट दी जाती है। एक माह के भीतर अगर उपभोक्ता बकाया बिल जमा करवा दे तो 100 रुपये जुर्माना लगा कर कनेक्शन जोड़ दिया जाता है।
अगर कोई उपभोक्ता बिजली मीटर से तार कटने के एक माह बाद भी बिजली बिल जमा नहीं करवाता है तो स्थाई तौर पर कनेक्शन काटा जाता है। इसके तहत बिजली मीटर को बोर्ड उतार लेता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को दोबारा से कनेक्शन लेने के लिए पहले तो बकाया बिल चुकाना होगा। साथ में नए सिरे से कनेक्शन के आवेदन करना होगा। उपभोक्ता को सिक्योरिटी भी दोबारा से जमा करवानी पडे़गी। पुरानी सिक्योरिटी को बोर्ड जब्त कर लेगा।