राजधानी के लोगों को सर्दियों के मौसम में बिजली कट का सामना करना पड़ेगा। शहर में छह जगह 33 केवी के सब स्टेशन लगाने में जुटे बिजली बोर्ड की राह में कई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। दो जगह जमीन देने को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध का झंडा बुलंद कर दिया है, जबकि चार जगह काम बहुत धीमी गति से चल रहा है।
इन सब स्टेशनों के बनने से फाल्ट आने की स्थिति में सिर्फ थोड़े से क्षेत्र में बिजली कट लगना था लेकिन, अब अगर किसी एक क्षेत्र में फाल्ट आया तो सारे शहर की बिजली गुल हो जाएगी। दिसंबर 2014 तक सभी छह सब स्टेशन स्थापित करने का बिजली बोर्ड ने लक्ष्य रखा था।
शहर के ईदगाह, संजौली, भट्ठाकुफर, बड़ा गांव, तारादेवी और समरहिल में सब स्टेशन लगाना प्रस्तावित हैं। बड़ा गांव में वन विभाग ने बिजली बोर्ड को भूमि तो दे दी है लेकिन स्थानीय लोग कोर्ट में चले गए हैं। इस कारण सब स्टेशन स्थापित करने का मामला लटक गया है। भट्ठाकुफर में भी जमीनी विवाद के चलते सब स्टेशन लगाने का काम बंद पड़ा है।
ईदगाह और संजौली में सब स्टेशन स्थापित करने का काम अभी शुरू ही हुआ है जबकि समरहिल और तारादेवी में काफी काम हो चुका है। बिजली बोर्ड को यह सभी सब स्टेशन दिसंबर 2014 से पहले चालू करने थे लेकिन अब मामला आठ से दस महीने के लिए लटक गया है।
33 केवी के इन नए छह सब स्टेशनों के चालू होने के बाद शहर के ज्यादातर इलाकों में ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की दिक्कतें खत्म हो जाएंगी। ईदगाह, संजौली, भट्ठाकुफर, बड़ा गांव, तारादेवी और समरहिल के आसपास अगर बिजली की लाइनों में कोई फाल्ट आता है तो सब स्टेशन से संबंधित क्षेत्रों की बिजली बंद होगी।
अधिशासी अभियंता रुमेल सिंह का कहना है कि सर्दियों के मौसम में बिजली कट से निपटने के लिए बोर्ड पूरी तरह से तैयार है। बिजली तारों की मरम्मत का काम पूरा कर दिया गया है। कई जगह मरम्मत जारी भी है। सब स्टेशन स्थापित करने के आडे़ आ रही मुश्किलों को दूर करने के प्रयास जारी है।