बिजली बोर्ड इंप्लाइज यूनियन ने बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला का घेराव किया। सैकड़ों की संख्या में प्रदेश भर से आए कर्मचारियों के विरोध के बाद हरकत में आए प्रबंधन ने यूनियन के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाकर दो हफ्ते के भीतर मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
यूनियन के महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि प्रबंधन ने दो हफ्ते के भीतर मांगों को सुलझाने के लिए बिजली बोर्ड निदेशक मंडल और सर्विस कमेटी की बैठक बुलाने की बात मानी है। यूनियन ने बोर्ड प्रबंधन को ग्रेड पे और अन्य मुद्दों को 14 जून तक हल करने का समय दिया।
कहा, इस बीच मामलों को हल नहीं किया गया तो यूनियन पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन तेज करेगी। प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा ने कहा कि बोर्ड प्रबंधन द्वारा तीन वर्ष पहले बोर्ड की 48 तकनीकी और अन्य श्रेणियों के वेतन को पंजाब बिजली कंपनी के बराबर लाने के लिए घटा दिया था।
यह न्यायसंगत नहीं है और तथ्यों से परे है। इस कारण इन श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन में कटौती हुई है। यदि बोर्ड प्रबंधन वर्ग पंजाब बिजली कंपनी की तर्ज पर वेतन देना चाहता है तो वहां इन श्रेणियों को दिए जा रहे टाइम स्केल को भी इन 48 श्रेणियों के कर्मचारियों को दिया जाना चाहिए था।