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शिमला: ओपीएस बहाली के लिए चाैड़ा मैदान में गरजे बिजली बोर्ड कर्मचारी, निकाली रैली, जमकर की नारेबाजी

Wed, 02 Sep 2026 12:12 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।

सार

बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों ने सुबह 11:00 बजे बिजली बोर्ड के राज्य मुख्यालय कुमार हाउस से वाया विधानसभा होकर चौड़ा मैदान तक रैली निकाली और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। 
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चाैड़ा मैदान में बिजली बोर्ड कर्मियों की रैली। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में बुधवार को ओपीएस बहाली की मांग को लेकर बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। राज्य स्तरीय प्रदर्शन में प्रदेश भर से आए बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। बिजली बोर्ड कर्मचारी व अभियंता संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मचारियों ने सुबह 11:00 बजे बिजली बोर्ड के राज्य मुख्यालय कुमार हाउस से वाया विधानसभा होकर चौड़ा मैदान तक रैली निकाली और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इसमें बिजली बोर्ड के नियमित कर्मचारियों के अलावा इंजीनियरिंग विंग, आउटसोर्स कर्मचारी और विद्युत बोर्ड के पेंशनर भी शामिल हुए।  प्रदर्शन में बिजली बोर्ड में अन्य विभागों, निगमों की तर्ज पर ओपीएस बहाली समेत अन्य मांगों को बुलंद किया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर करीब चार घंटे प्रदर्शन किया। विभिन्न कर्मचारियों नेताओं ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ओपीएस समेत अन्य मांगों को उठाया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि कर्मचारी लगातार संघर्ष कर रहे हैं लेकिन आज प्रमुख रूप से कर्मचारी ओपीएस की मांग को लेकर एकत्रित हुए हैं और एक ही मांग है कि अन्य विभागों व निगमों की तर्ज पर प्रदेश सरकार बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को ओपीएस बहाल करे।

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कर्मचारियों ने इन मुद्दों को उठाया
बिजली बोर्ड संयुक्त मोर्चा के सह संयोजक हीरालाल वर्मा ने कहा कि बोर्ड में नियमित कर्मचारियों की भर्ती, बोर्ड में कार्य कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को बोर्ड में समायोजित करना, कर्मचारियों-पेंशनरों की लंबित देनदारियां आदि उनकी मांगें हैं। हालांकि, आज बोर्ड के कर्मचारी ओपीएस बहाली के लिए इकट्ठा हुए हैं। कहा प्रदेश सरकार को साढ़े तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है सरकार के पास महज डेढ़ साल का कार्यकाल शेष है। ऐसे में कर्मचारियों की मांग है कि सरकार ओपीएस बहाल करे क्योंकि नई सरकार पुरानी सरकार के अंतिम एक साल और छह महीने के फैसलों की समीक्षा करती है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार यदि ओपीएस बहाल नहीं करती तो आगामी 15 सिंतबर को पदाधिकारियों की बैठक में आंदोलन की रणनीति तैयार होगी। 
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