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Shimla News: बिजली बोर्ड ने सीएम आवास के पास ही कर दिया अवैध निर्माण

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नगर निगम ने दिए निर्माण ढहाने के आदेश
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बिना मंजूरी बना दिया है इलेक्टि्रक वाहनों का चार्जिंग स्टेशन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बिजली बोर्ड का बड़ा कारनामा सामने आया है। बोर्ड ने मुख्यमंत्री आवास के पास ही अवैध निर्माण कर दिया।
मालरोड पर हरे भरे इस क्षेत्र में निर्माण की मंजूरी लिए बिना ही लोहे का स्ट्रक्चर खड़ा कर एक पार्किंग तैयार कर दी। अब नगर निगम ने इसे गिराने के आदेश दिए हैं। नगर निगम के अनुसार यह क्षेत्र शहर के ग्रीन और हेरिटेज जोन में शामिल है। यहां हर तरह के निर्माण और मरम्मत कार्य के लिए नगर निगम तथा स्टेट हेरिटेज कमेटी से अनुमति लेना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री आवास से करीब 50 मीटर दूरी पर बिजली बोर्ड का दफ्तर है। यहां पार्किंगनुमा लोहे का भारी भरकम ढांचा खड़ा किया है। नगर निगम को जैसे ही इसकी शिकायत मिली तो निगम वास्तुकार महबूब शेख ने एक टीम मौके पर भेजी। निगम के अनुसार पहले तो मौके पर मौजूद बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि यहां इलेक्टि्रक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाया जा रहा है। फिर जब निगम टीम ने निर्माण की अनुमति दिखाने को कहा तो बोर्ड के अधिकारी नहीं दिखा पाए। रिपोर्ट मिलने के बाद निगम प्रशासन ने बोर्ड को तुरंत इसे गिराने के आदेश दिए। बिजली बोर्ड ने भी अब इन आदेशों के बाद लाखों रुपये खर्च कर खड़ा किया यह ढांचा गिराना शुरू कर दिया है। बुधवार तक काफी ढांचा तोड़ दिया है।
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सरकारी महकमे ही करने लगे अवैध निर्माण
राजधानी में अब सरकारी महकमे ही नियम कानून ताक पर रखकर अवैध निर्माण कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में सरकारी महकमे के अवैध निर्माण से जुड़ी यह पहली शिकायत है। निगम प्रशासन का कहना है कि नियम सबके लिए एक समान है। सभी को निर्माण की अनुमति लेना जरूरी है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि बिजली बोर्ड ने बिना अनुमति लिए यह निर्माण कर दिया था जिसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।
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