हिमाचल के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद बड़ी राहत मिली है। अप्रैल में उपभोक्ताओं को जारी एवरेज बिजली बिल अब मार्च से मई तक की वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर दुरुस्त किए जाएंगे। बीते दिनों उपभोक्ताओं को जारी भारी-भरकम बिलों की राशि ठीक करने के बाद तीन माह के बिलों में एडजेस्ट किया जाएगा। खुद मीटर रीडिंग का ब्योरा लेकर बोर्ड दफ्तर आने वाले उपभोक्ताओं को मौके पर बिल ठीक कर जारी किए जाएंगे।
बिजली बोर्ड के संयुक्त निदेशक अनुराग पराशर ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचने के उपायों के चलते मीटर रीडरों को फील्ड में न भेजकर वास्तविक मीटर रीडिंग नहीं ली गई थी। अप्रैल के बिल पिछले वर्ष के इसी माह के बिल के आधार पर बनाए गए थे। अब अप्रैल के बिजली बिलों में दर्शाई गई मार्च की इस औसत मीटर रीडिंग को एक चरणबद्ध तरीके से मई की वास्तविक मीटर रीडिंग के साथ समायोजित किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश के हर बिजली उपभोक्ता को आश्वस्त किया है कि सरकार द्वारा विद्युत बिलों में दिए जा रहे उपदान सहित वास्तविक रीडिंग के आधार पर विद्युत बिल देय होगा।
यह आगामी बिलों में प्रदर्शित भी हो जाएगा। बोर्ड ने कोई भी आपत्ति होने पर बोर्ड के संबंधित विद्युत उपमंडल में संपर्क करने की सलाह दी है। उपभोक्ता की समस्या का तुरंत निवारण किया जाएगा। बता दें कि बिजली बोर्ड के इस कारनामे के चलते कई उपभोक्ताओं को एवरेज आधार पर बिजली के भारी-भरकम बिल जारी कर दिए गए हैं। अमर उजाला ने इस मामले को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को स्वयं मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके चलते बोर्ड ने वास्तविक रीडिंग के आधार पर सभी बिलों को दुरुस्त करने का फैसला लिया है।
अधिक जानकारी के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
मुख्यमंत्री ने राज्य बिजली बोर्ड को किसी भी बिजली उपभोक्ता की इस संबंध में शिकायत का तुरंत निवारण करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने टोल फ्री नंबर 1912 या 1800 180 8060 पर संपर्क करने की सलाह दी है।